NTA UGC NET PAPER 1 IMPORTANT QUESTIONS

https://youtu.be/HaFfqCHHYTM

Wednesday, 15 April 2020

E PASS KAISE APPLY KREN

E-Pass अप्लाई करने का तरीका- 


  1. सबसे पहले अपने स्मार्टफोन या पीसी पर http://164.100.68.164/upepass2/.  खोलें।
  2. अब सबसे ऊपर दाएं कोने में दिए पास ऑप्शन पर क्लिक करें।
  3. अब अपना फोन नंबर का इस्तेमाल कर खुद को रजिस्टर करें, और अगले स्टेप के लिए ओटीपी एंटर करें।
  4. इसके बाद एक एप्लीकेशन खुलेगा जिसमें नाम, जन्मतिथि, जेंडर, जिला, तहसील जैसी आदि जानकारियां डालनी होगी।
  5. अब डिक्लेरेशन स्वीकार करें और सबमिट बटन पर क्लिक करें।
  6. भविष्य में स्टेटस ट्रैक करने के लिए ईपास आईडी को सेव कर ले।

 How to apply E-Pass-

  1. First on your smartphone or PC http://164.100.68.164/upepass2/  Open.
  2. Now click on the option in the top right corner.
  3. Now register yourself using your phone number, and enter OTP for the next step.
  4. After this, an application will open in which information such as name, date of birth, gender, district, tehsil etc. will have to be entered.
  5. Now accept the declaration and click on submit button.
  6. Save ePass ID to track status in future.

Required Document for LOCKDOWN E-Pass 

  • Recent Passport Size Photo 
  • Photo Identification Proof 
  • GST Certification 
  • Commercial Registration Certificate 
  • Pan Card, Adhar Card, Voter ID 
  • Registration Number

Tuesday, 14 April 2020

कोरोना VIRUS



नई दिल्ली: कोरोना वायरस की वजह से पूरे इटली में घूमने-फिरने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. 6 करोड़ लोगों के ऊपर इसका असर होगा. पहले यह प्रतिबंध सिर्फ lombardy राज्य में लगाया था, लेकिन सोमवार की रात को इटली के प्रधानमंत्री ने पूरी देश मे प्रतिबंध लगा दिया. सोमवार को इटली में 97 लोगों की मौत हुई, जिसके बाद कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़कर 463 हो गई. Lombardy इलाके में सबसे ज्यादा 333 लोगों की मौत हुई है. इटली में 20 शहरों में यह वायरस फैल चुका है. चीन के बाद पूरी दुनिम में कुल मिलाकर जितने लोगों की मौत हुई है उन में से आधा से ज्यादा इटली में मरे हैं. इटली में सभी स्पोर्टिंग इवेंट को कैंसिल कर दिया गया है जिसमें सीरीज A फुटबाल लीग भी शामिल है. सोमवार को इटली में 1897 नए कोरोना वायरस केस सामने आया, जिसके बाद इटली में पीड़ितों की संख्या 9172 पहुंच गई.https://ak2907.blogspot.com/2020/03/blog-post_12.html

10 मार्च को ढाई बजे तक मिले आंकड़े के हिसाब से पूरी दुनिया में कोरोना वायरस से पीड़ितों की संख्या 1,14,530 तक पहुंच गई है. इसके साथ ही 4028 लोगों की मौत हो गई है. हालांकि संक्रमित लोगों में से 64266 लोग ठीक हो चुके हैं. अभी भी 46236 लोगों की अलग-अलग अस्पताल में ट्रीटमेंट चल रहा है जिसमें 5771 लोगों की स्थिति बहुत खराब है. 22 जनवरी को कोरोना वायरस की वजह से 580 लोगों को अस्पताल में एडमिट किया गया था. 27https://ak2907.blogspot.com/2020/03/blog-post_12.html जनवरी को यह संख्या बढ़कर 4581 हो गई थी, इसके बाद 1 फरवरी को 14553, 15 फरवरी को 69197, 3 मार्च को 93016, और मार्च 9 तक बढ़कर यह 114381 हो गई. 8 मार्च के दिन कोरोना वायरस की वजह से 228 लोगों की मौत हुई. किसी एक दिन में मरने वालों का यह सबसे बड़ा आंकड़ा था. 9 मार्च को 198 लोगों की मौत हुई. कोरोना वायरस के बारे में जब पता चला था तब वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन (WHO) ने Mortality रेट 2 प्रतिशत का अनुमान लगाया था, लेकिन अब यह बढ़कर 3.4 प्रतिशत हो गया.




चीन में सबसे ज्यादा 80757 लोग कोरोना वायरस के चपेट में आए हैं, जिनमें से 3136 लोगों की मौत हो चुकी है. सोमवार को चीन में 17 लोगों की मौत हुई. वहीं अभी तक 60104 लोग ठीक हो चुके हैं. इसके अलावा 17517 लोगों की अलग-अलग अस्पताल में ट्रीटमेंट चल रही है जिसमें से 4794 लोगों की कंडीशन बहुत क्रिटिकल है. चीन में 10 लाख पर 56 लोग इस वायरस से पीड़ित हैं. लोग यही कहते हैं कि चीन सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है लेकिन जनसंख्या के साथ तुलना की जाए तो सबसे ज्यादा खराब स्थिति इटली की है. इटली में 10 लाख लोगों पर 152 लोग कोरोना वायरस से पीड़ित हैं. कुल मिलाकर अभी तक इटली में 9172 लोग इस वायरस से पीड़ित हैं जिसमें से 463 लोगों की मौत हो चुकी है. इटली में सिर्फ 724 लोग ठीक होकर घर गए हैं जब की 7985 लोगों का इलाज चल रहा है


इटली के बाद साउथ कोरिया में 7513 केस सामने आए हैं जिनमें से 54 लोगों की मौत हो चुकी है. साउथ कोरिया में 10 लाख लोगों पर 146 लोग इस वायरस का शिकार हुए हैं. चीन और इटली के बाद सबसे ज्यादा मौत ईरान में हुई है. ईरान में अब तक 237 लोगों की मौत हो चुकी है. ईरान में कुल मिलाकर 7161 लोग इस वायरस से संक्रमित हुए हैं. ईरान में 10 लाख पर 85 लोग कोरोना वायरस का शिकार हुए हैं. ट्रीटमेंट के मामले सबसे अच्छा काम सिंगापुर ने किया है. सिंगापुर में कुल मिलाकर 160 लोग इस वायरस की शिकार हुए हैं जिस में से 93 लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं. सिंगापुर में किसी की भी मौत नहीं हुई है.

कोरोना वायरस की वजहhttps://ak2907.blogspot.com/2020/03/blog-post_12.html से सबसे ज्यादा प्रभावित वृद्ध लोग हो रहे हैं. 80 साल से ज्यादा उम्र के लोग जो इस वायरस का शिकार हुए हैं उन में से 14.8 प्रतिशत लोगों की मौत हो गई है. 70 से 79 के उम्र के बीच Mortality रेट 8 प्रतिशत है, 60-69 के उम्र के बीच Mortality रेट 3.6 प्रतिशत है , 50 से 59 के बीच 1.3 प्रतिशत, 40 से 49 के बीच 0.4 प्रतिशत, 10 से 39 के बीच 0.2 प्रतिशत Mortality रेट है जबकि 0 से 9 के बीच अब किसी भी बच्चों की मौत नहीं हुई है. Confirmed केस में पुरुषों में मोर्टेलिटी रेट 4.7 प्रतिशत है जबकि महिलाओं में 2.8 प्रतिशत है. जो लोग हार्ट के पेशेंट हैं उनके अंदर मोर्टेलिटी रेट 13.2 प्रतिशत है,डायबेटिक्स रोगी के अंदर मोर्टेलिटी रेट 9.2 प्रतिशत है, हाइपरटेंशन रोगियों के बीच मोर्टेलिटी रेट 8.4 प्रतिशत है, कैंसर पीड़ित रोगियों के बीच मोर्टेलिटी रेट 7.6 प्रतिशत है.


कोरोना वायरस को इटली जैसे देश ने शुरुआत में गंभीरता से नहीं लिया, जिसकी वजह से वहां यह स्थिति पैदा हुई. 22 जनवरी को चीन में 571 लोग कोरोना वायरस का शिकार हुए थे. 10 फरवरी तक यह संख्या बढ़कर 42638 हो गई. 15 फरवरी तक 68500 पहुंच गई. 22 जनवरी से लेकर 15 फरवरी तक इटली ने कोरोना वायरस को रोकने के लिए कोई खास कदम नहीं उठाया. इटली में पहला केस 15 फरवरी को आया था. इस दिन 3 लोग कोरोना वायरस का शिकार हुए थे. फिर धीरे-धीरे यह संख्या बढ़ती चली गई. अब 9 मार्च तक यह संख्या 9172 पहुंच गई है. चीन के लोगों के लिए इटली लोकप्रिय पर्यटन स्थल है.


कोरोना वायरस के कहर से कैसे करें खुद का बचाव?https://ak2907.blogspot.com/2020/03/blog-post_12.html

WHO का कहना है कि हाथ बार-बार धोना चाहिए, जिन लोगों को कोरोना वायरस हुआ है उन्हें चेहरे पर मास्क पहनना चाहिए. अगर कोई खांस या छींक रहा है उसे मास्क पहनना जरूरी है. मास्क को इस्तेमाल करने से पहले आपने हाथों को अच्छे से धो लें.


खास बातें
भारत मे कोरोना वायरस के वजह से 56 लोग संक्रमित हुए
कोरोना वायरस को लेकर लोगों को सचेत होना बहुत जरूरी
WHO का कहना है कि हाथ बार-बार धोना चाहिए
नई दिल्ली: कोरोना वायरस की वजह से पूरे इटली में घूमने-फिरने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. 6 करोड़ लोगों के ऊपर इसका असर होगा. पहले यह प्रतिबंध सिर्फ lombardy राज्य में लगाया था, लेकिन सोमवार की रात को इटली के प्रधानमंत्री ने पूरी देश मे प्रतिबंध लगा दिया. सोमवार को इटली में 97 लोगों की मौत हुई, जिसके बाद कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़कर 463 हो गई. Lombardy इलाके में सबसे ज्यादा 333 लोगों की मौत हुई है. इटली में 20 शहरों में यह वायरस फैल चुका है. चीन के बाद पूरी दुनिम में कुल मिलाकर जितने लोगों की मौत हुई है उन में से आधा से ज्यादा इटली में मरे हैं. इटली में सभी स्पोर्टिंग इवेंट को कैंसिल कर दिया गया है जिसमें सीरीज A फुटबाल लीग भी शामिल है. सोमवार को इटली में 1897 नए कोरोना वायरस केस सामने आया, जिसके बाद इटली में पीड़ितों की संख्या 9172 पहुंच गई. 
10 मार्च को ढाई बजे तक मिले आंकड़े के हिसाब से पूरी दुनिया में कोरोना वायरस से पीड़ितों की संख्या 1,14,530 तक पहुंच गई है. इसके साथ ही 4028 लोगों की मौत हो गई है. हालांकि संक्रमित लोगों में से 64266 लोग ठीक हो चुके हैं. अभी भी 46236 लोगों की अलग-अलग अस्पताल में ट्रीटमेंट चल रहा है जिसमें 5771 लोगों की स्थिति बहुत खराब है. 22 जनवरी को कोरोना वायरस की वजह से 580 लोगों को अस्पताल में एडमिट किया गया था. 27 जनवरी को यह संख्या बढ़कर 4581 हो गई थी, इसके बाद 1 फरवरी को 14553, 15 फरवरी को 69197, 3 मार्च को 93016, और मार्च 9 तक बढ़कर यह 114381 हो गई. 8 मार्च के दिन कोरोना वायरस की वजह से 228 लोगों की मौत हुई. किसी एक दिन में मरने वालों का यह सबसे बड़ा आंकड़ा था. 9 मार्च को 198 लोगों की मौत हुई. कोरोना वायरस के बारे में जब पता चला था तब वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन (WHO) ने Mortality रेट 2 प्रतिशत का अनुमान लगाया था, लेकिन अब यह बढ़कर 3.4 प्रतिशत हो गया.



चीन में सबसे ज्यादा 80757 लोग कोरोना वायरस के चपेट में आए हैं, जिनमें से 3136 लोगों की मौत हो चुकी है. सोमवार को चीन में 17 लोगों की मौत हुई. वहीं अभी तक 60104 लोग ठीक हो चुके हैं. इसके अलावा 17517 लोगों की अलग-अलग अस्पताल में ट्रीटमेंट चल रही है जिसमें से 4794 लोगों की कंडीशन बहुत क्रिटिकल है. चीन में 10 लाख पर 56 लोग इस वायरस से पीड़ित हैं. लोग यही कहते हैं कि चीन सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है लेकिन जनसंख्या के साथ तुलना की जाए तो सबसे ज्यादा खराब स्थिति इटली की है. इटली में 10 लाख लोगों पर 152 लोग कोरोना वायरस से पीड़ित हैं. कुल मिलाकर अभी तक इटली में 9172 लोग इस वायरस से पीड़ित हैं जिसमें से 463 लोगों की मौत हो चुकी है. इटली में सिर्फ 724 लोग ठीक होकर घर गए हैं जब की 7985 लोगों का इलाज चल रहा है.


इटली के बाद साउथ कोरिया में 7513 केस सामने आए हैं जिनमें से 54 लोगों की मौत हो चुकी है. https://ak2907.blogspot.com/2020/03/blog-post_12.html कोरिया में 10 लाख लोगों पर 146 लोग इस वायरस का शिकार हुए हैं. चीन और इटली के बाद सबसे ज्यादा मौत ईरान में हुई है. ईरान में अब तक 237 लोगों की मौत हो चुकी है. ईरान में कुल मिलाकर 7161 लोग इस वायरस से संक्रमित हुए हैं. ईरान में 10 लाख पर 85 लोग कोरोना वायरस का शिकार हुए हैं. ट्रीटमेंट के मामले सबसे अच्छा काम सिंगापुर ने किया है. सिंगापुर में कुल मिलाकर 160 लोग इस वायरस की शिकार हुए हैं जिस में से 93 लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं. सिंगापुर में किसी की भी मौत नहीं हुई 

कोरोना वायरस की वजह से सबसे ज्यादा प्रभावित वृद्ध लोग हो रहे हैं. 80 साल से ज्यादा उम्र के लोग जो इस वायरस का शिकार हुए हैं उन में से 14.8 प्रतिशत लोगों की मौत हो गई है. 70 से 79 के उम्र के बीच Mortality रेट 8 प्रतिशत है, 60-69 के उम्र के बीच Mortality रेट 3.6 प्रतिशत है , 50 से 59 के बीच 1.3 प्रतिशत, 40 से 49 के बीच 0.4 प्रतिशत, 10 से 39 के बीच 0.2 प्रतिशत Mortality रेट है जबकि 0 से 9 के बीच अब किसी भी बच्चों की मौत नहीं हुई है. Confirmed केस में पुरुषों में मोर्टेलिटी रेट 4.7 प्रतिशत है जबकि महिलाओं में 2.8 प्रतिशत है. जो लोग हार्ट के पेशेंट हैं उनके अंदर मोर्टेलिटी रेट 13.2 प्रतिशत है,डायबेटिक्स रोगी के अंदर मोर्टेलिटी रेट 9.2 प्रतिशत है, हाइपरटेंशन रोगियों के बीच मोर्टेलिटी रेट 8.4 प्रतिशत है, कैंसर पीड़ित रोगियों के बीच मोर्टेलिटी रेट 7.6 प्रतिशत है.


कोरोना वायरस को इटली जैसे देश ने शुरुआत में गंभीरता से नहीं लिया, जिसकी वजह से वहां यह स्थिति पैदा हुई. 22 जनवरी को चीन में 571 लोग कोरोना वायरस का शिकार हुए थे. 10 फरवरी तक यह संख्या बढ़कर 42638 हो गई. 15 फरवरी तक 68500 पहुंच गई. 22 जनवरी से लेकर 15 फरवरी तक इटली ने कोरोना वायरस को रोकने के लिए कोई खास कदम नहीं उठाया. इटली में पहला केस 15 फरवरी को आया था. इस दिन 3 लोग कोरोना वायरस का शिकार हुए थे. फिर धीरे-धीरे यह संख्या बढ़ती चली गई. अब 9 मार्च तक यह संख्या 9172 पहुंच गई है. चीन के लोगों के लिए इटली लोकप्रिय पर्यटन स्थल है.



चीन के पर्यटकों ने 2019 में इटली में 718 मिलियन डॉलर खर्च किए हैं जो 2018 से 41 प्रतिशत से ज्यादा है. इससे आप अंदाज़ लगा सकते हैं कितने लोग चीन से इटली छुट्टी बिताने के लिए जाते हैं. चीन के लोगों के लिए इटली के उत्तरी Lombardy इलाका सबसे लोकप्रिय जगह है और आप को बता दें कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा केस इसी इलाके में हैं. इटली में जो 663 लोगों की मौत हुई है उनमें से 333 लोग सिर्फ Lombardy इलाके से हैं. इससे पता चलता है चीन के लोग जिस इलाके में सबसे ज्यादा गए हैं वहां यह वायरस तेजी से फैला. अगर इटली की सरकार फरवरी के महीने से चीन के पर्यटकों पर रोक लगा देती तो यह स्थिति उत्पन्न ही न होती. 


लोगों को क्या करना चाहिए : भारत मे कोरोना वायरस के वजह से 56 लोग संक्रमित हुए हैं. कोरोना वायरस को लेकर लोगों का सचेत होना बहुत जरूरी है. भारत में अभी तक ज्यादा केस नहीं है, लेकिन यह बीमारी बहुत तेजी से फैल रही है. इटली और ईरान की स्थिति देखकर डर लगने लगा है. लोगों को बहुत छोटी-छोटी चीजों पर ध्यान देना चाहिए. WHO का कहना है कि हाथ बार-बार धोना चाहिए, जिन लोगों को कोरोना वायरस हुआ है उन्हें चेहरे पर मास्क पहनना चाहिए. अगर कोई खांस या छींक रहा है उसे मास्क पहनना जरूरी है. मास्क को इस्तेमाल करने से पहले आपने हाथों को अच्छे से धो लें. मास्क को ऐसे पहने की वो नाक और मुंह बढ़िया से कवर करे. मास्क को बार-बार छूने की जरूरत नहीं. अगर मास्क छूना चाहते हैं तो हाथ साफ करके छुएं. कोशिश करें कि पास में दो-तीन मास्क हो. एक मास्क को बार-बार इस्तेमाल न हो. जब आप मास्क का उतार रहे हैं तो पीछे से उतारें, मास्क को आगे से न छुएं अगर छूं रहे हैं तो हाथ को बढ़िया से साफ करके छुएं. 


अगर ज्यादा इमरजेंसी नहीं है तो पब्लिक प्लेस का कम इस्तेमाल करें. जो लोग खांस या छींक रहे हैं उनसे कम से कम तीन फीट दूर रहें. हाथ को बार-बार साबुन से धोएं. अगर धो नहीं पा रहे हैं तो सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.content="https://ak2907.blogspot.com/2020/03/blog-post_12.html" property="og:url"> अगर हाथ साफ नहीं तो बार-बार नाक या मुंह को न छुएं. कोरोना वायरस पैसे से भी फैल सकता है. चीन में नोट के भी टेस्ट हो रहे हैं. अगर नोट में वायरस है तो उसे जला दिया जा रहा है या फिर साफ किया जा रहा है. साफ किए हुए नोट को सात दिनों तक रखा जाता है फिर इस्तेमाल के लिए बाहर भेजा जाता है. भारत में अभी तक नोट की जांच नहीं हो रही है न ही इतनी संख्या में लोग संक्रमित हुए हैं कि चिंता करनी चाहिए, लेकिन फिर भी आप अपनी तरफ से जितना हो सके एहतियात बर्ते 
https://ak2907.blogspot.com/2020/03/blog-post_12.htmlhttps://ak2907.blogspot.com/2020/03/blog-post_12.html
अगर आप बड़ी दुकान में जा रहे हैं तो डिजिटल पेमेंट करने की कोशिश कीजिए. कैश का लेने-देने कम कीजिए. जहां डिजिटल पेमेंट नहीं है Exact पैसा दीजिए ताकि आप को दुकानदार से कुछ लेना न पड़े. आप लोग सब्जी खरीदने जाते हैं, जो सब्जी और फल आप खरीदते हैं उस पर कई लोगों के हाथ लगाते हैं. हो सकता है कोई संक्रमित व्यक्ति सब्जी को छुआं हो. इसीलिए सब्जी और फल को घर लाने के बाद उसे बढ़िया से साफ कर लीजिए. सब्जी धोने के बाद आप-अपने हाथ भी बढ़िया से धोएं. फ्लोरिडा गल्फ कोस्ट यूनिवर्सिटी के Microbiologist फेलिसिया मिलर ने कहा कि फल और सब्जियों में भी कोरोना वायरस के कीटाणु हो सकते हैं क्योंकि उसे कई लोग छूते हैं.



अगर आप पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आप को सावधान रहने की जरूरत है. मास्क पहनकर सफर कीजिए. content="https://ak2907.blogspot.com/2020/03/blog-post_12.html" property="og:url">">जिस सीट पर आप बैठ रहे हैं उस सीट पर पहले से कई लोग बैठकर गए होंगे इसीलिए बाहर से आने के बाद अपने कपड़ो को साफ कीजिए. पब्लिक ट्रांसपोर्ट के अंदर अगर आप खड़े होकर जा रहे हैं तो बस के अंदर जो लोहे की रॉड है उसे आप पकड़ते हैं तो उसे पहले भी कई लोग उसे पकड़े होंगे, हो सकता है कोई संक्रमित रोगी भी उसे पकड़ा हो. इसलिए आप घर पहुंच कर हाथ बढ़िया से धोएं. डरने की जरूरत नहीं है. भारत मे अब यह बीमारी ज्यादा नहीं फैली है, लेकिन अपने-आप को सुरक्षित रखने की जरूरत है.


Monday, 13 April 2020

Tasty poha kaise banaye,breakfast recipe



Home made tasty poha




पोहा एक breakfast recipe है जो कि चावल को पीटकर  पोहा का रुप दिया जाता है. वैसे तो बहुत जगह पर इसे चुरा भी कहा जाता है और बहुत जगह पर इसे पोहे के नाम से जाना जाता है तो कहीं पर इसे पोहा के नाम से जाना जाता है. पोहा कि बहुत सारी variation  होती है और Poha banane ki vidhi बहुत तरह की होती हैं. जिनमें से आज हम आपको एक तरीका use करके Poha banane ki vidhi सिखा रहे हैं.
वैसे तो पोहा महाराष्ट्र की recipe है लेकिन पोहे को गुजरात में भी बहुत ज्यादा तौर पर नाश्ते में serve किया जाता है. पोहा बहुत ही हल्का नाश्ता होता है और इसकी खास बात यह है Poha banane ki vidhi में समय भी बहुत कम लगता है. पोहे को हम कई तरह से भिगो सकते हैं जैसे कि पोहे को हम पानी से धोकर कुछ देर के लिए फूलने के लिए रख सकते हैं या फिर चाहे तो इसे steam के द्वारा भी फूला सकते हैं. इस पोहे में आलू मटर और मूंगफली का combination एक गजब का स्वाद देता है.
वैसे तो हम सफेद पोहे को भिगोकर पोहा बनाते हैं कई जगह पर पोहा को present करने के लिए कद्दूकस किया हुआ नारियल का प्रयोग किया जाता है. Poha banane ki vidhi में गाजर को भी कद्दूकस करके डाल सकते हैं इससे भी पोहे में स्वाद अच्छा आएगा. पोहा पोहा बहुत ही healthy नाश्ता है जो लोग health concitous होते हैं उनके लिए भी Poha banane ki vidhi recipe बहुत ही healthy breakfast  रहेगा क्योंकि पोहे में तेल की मात्रा भी बहुत कम होती है.
Poha banane ki vidhi में करी पत्ते का प्रयोग एक special ingredient की तरह होता है जो कि इसके स्वाद को चार गुना बढ़ा देता है और मुझे जहां तक लगता है बिना करी पत्ते के पोहा tasteless लगता है. इस पोहे को आप आसानी से tiffin में pack कर सकते हैं. पोहा को garnish करने के लिए भुजिया नमकीन का प्रयोग कर सकते हैं. इससे भी पोहा खाने में tasty लगते हैं.
तो आइए जानते हैं Poha banane ki vidhi जो कि नीचे बताई जा रही है. यह एक बेहद आसान Poha banane ki vidhi है.

Ingredients

  • पोहा 2 कप
  • तेल 2 चम्मच
  • सरसों या राई एक चम्मच
  • जीरा आधा चम्मच
  • हींग एक चौथाई चम्मच
  • प्याज 1 कप बारीक़ कटा हुआ
  • आलू 1 पतले टुकड़ों में कटा हुआ
  • हल्दी पाउडर एक चौथाई चम्मच
  • मूंगफली आधा कप
  • अदरक पेस्ट आधा चम्मच
  • हरी मिर्च 2 बारीक कटी हुई
  • चीनी एक चम्मच
  • नींबू का रस 1 चम्मच
  • धनिया पत्ती 2 चम्मच बारीक कटा हुआ garnish के लिए
  • करी पत्ता 10 पीस
  • नमक स्वादानुसार

Method

Step 1

पोहा बनाने के लिए सबसे पहले एक कढ़ाई को गैस पर गर्म होने के लिए रख देंगे. फिर उसमें तेल डालकर मूंगफली डाल कर भून लेंगे और जब हम मूंगफली भून जाए फिर एक प्लेट में बाहर निकाल कर रख लेंगे. अब उसी कढ़ाई में उसी तेल में राई से और जीरा से तड़का देंगे. जब तड़का चटकने लगे फिर उसमें हींग डालकर बारीक कटे हुए प्याज डाल देंगे और मध्यम आंच पर 1 से 2 मिनट तक भूनेंगे.

Step 2

फिर इसमें पतले कटे हुए आलू को धोकर डाल देंगे साथ ही स्वादानुसार नमक हल्दी और मटर डालकर अच्छे से मिला देंगे और ढक्कन की सहायता से ढककर 4 से 5 मिनट के लिए पकने देंगे. अगर जरुरत पड़े तो बीच-बीच में चलाते रहेंगे ताकि आलू जले नहीं. जब तक हम दूसरी तरफ पोहे को पानी से धोकर (soak)फूलने के लिए रख देंगे. ताकि हमारा पोहा अच्छे से फूलकर soft हो जाए. ध्यान रहे पोहे को पानी से धोकर रख लेना है ना कि उसे पानी में भिगोना है.

Step 3

अब पोहे में चीनी डाल कर छोड़ देंगे, दूसरी तरफ आलू के मिश्रण को पलटे की सहायता से चलाते रहेंगे. थोड़ी देर में आलू पककर तैयार हो जाएगा फिर इसमें भिगोए हुए पोहे को डालकर अच्छे से मिला देंगे साथ ही नींबू का रस पोहे में डालकर धनिया पत्ती डालकर चलाकर गैस को बंद कर देंगे. अब हमारा पोहा गरमा-गरम तैयार हो चुका है इसमें भुनी हुई मूंगफली डाल कर मिला देंगे. अब हम इस गरमा गरम पोहे को धनिया पत्ती से garnish कर अपने मेहमानों को या फिर family वालों को serve कर सकते हैं.
Poha banane ki vidhi Tips:
  1. पोहा बनाने के लिए चुरा या पोहे को पोहे को पानी में डालकर भिगोकर छोड़ना नहीं है बल्कि इसे धोकर वापस से उसके पानी को छान देना है जिससे कि वह फूल भी जाएगा और खिला-खिला नजर आएगा
  2. पोहा बनाने के लिए मध्यम आकार के पोहे का प्रयोग करना है बहुत ज्यादा पतले पोहे से पोहा नहीं बन पाता. उस का हलवा बन जाएगा और टेस्ट बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगेगा.
  3. पोहे में चीनी का प्रयोग optional है आप चाहें तो इसे हटा भी सकते हैं.
  4. पोहा बनाने के लिए हमने प्याज़ का प्रयोग किया है जो लोग प्याज़ नहीं खाते उन्हें प्याज़ को हटाकर बिना प्याज के पोहा बना लेना होगा.
  5.  पोहे को serve करने के लिए मूंगफली और भुजिया नमकीन का प्रयोग कर सकते हैं.

मनी ट्रांसफर इन रॉन्ग अकाउंट

डिजिटल पेमेंट: गलत बैंक खाते में पैसे हो गए ट्रांसफर, तो तुरंत उठाएं ये कदम
घर बैठे डिजिटल पेमेंट आसान और सहूलियत भरा तो है लेकिन कुछ सावधानी बरतने की भी जरूरत है.

इस वक्त लॉकडाउन के चलते डिजिटल पेमेंट पर जोर दिया जा रहा है ताकि बैंक जाने से बचा जा सके. केवल उन्हीं कामों के लिए बैंक जाने की हिदायत दी जा रही है, जो नेट बैंकिंग या ऑनलाइन बैंकिंग के जरिए नहीं हो सकते. घर बैठे डिजिटल पेमेंट आसान और सहूलियत भरा तो है लेकिन कुछ सावधानी बरतने की भी जरूरत है. जैसे पैसे ट्रांसफर करते वक्त रिसीवर का बैंक अकाउंट नंबर सही से चेक करना. जल्दबाजी में बैंक अकाउंट नंबर डालते वक्त गलती से एक भी डिजिट इधर-उधर हो जाने पर आपका पैसा गलत अकाउंट में ट्रांसफर हो सकता है.


अगर गलत खाते में चला जाए पैसा तो…
– अगर भूल से आपने किसी अन्य बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर दिए हैं तो सबसे पहले अपने बैंक को इस बारे में बताना होगा. ऐसा फोन, ईमेल के जरिए कर सकते हैं या फिर चाहें तो अपनी बैंक ब्रांच में जाकर ब्रांच मैनेजर को सारी डिटेल दे सकते हैं.
– अपने बैंक को भूल से हुए ट्रांजेक्‍शन के बारे में विस्‍तार से जानकारी दें. इसमें ट्रांजेक्‍शन की तारीख और समय, अपना अकाउंट नंबर और जिस अकाउंट नंबर में भूल से पैसे ट्रांसफर हुए हैं आदि शामिल हैं. आपने संबंधित अकाउंट में पेमेंट किया है, इसके सबूत के तौर पर चाहें तो डिजिटल पेमेंट का स्क्रीनशॉट दिखा सकते हैं.
– जिस अकाउंट में पैसे ट्रांसफर हुए हैं, वह अस्तित्व में नहीं है तो पैसा अपने आप वापस आ जाएगा. लेकिन अगर वह अकाउंट नंबर मौजूद है तो आपको शिकायत दर्ज कर प्रॉसेस पूरी होने का इंतजार करना होगा.


 अगर सेंडर और रिसीवर के अकाउंट एक ही बैंक में हैं तो यह प्रॉसेस जल्दी पूरी हो जाती है लेकिन अगर रिसीवर का अकाउंट दूसरे बैंक में है तो टाइम लगता है.


– अगर रिसीवर का खाता दूसरे बैंक में तो आपको उस बैंक की ब्रांच में जाकर शिकायत दर्ज करवानी होगी. बैंक अपने ग्राहक की अनुमति के बिना किसी को भी पैसे ट्रांसफर नहीं कर सकता. साथ ही बैंक आपने ग्राहकों के बारे में जानकारी भी नहीं देते हैं. इसलिए आपको उस बैंक को सारी स्थिति से अवगत कराना होगा.


– इसके बाद वह बैंक उस खाते के ओनर को सूचित करेगा और पैसे आपके अकांउट में वापस ट्रांसफर करने को कहेगा



अगर दूसरे खाते वाला पैसा लौटाने से कर दे मना
गलती से अमाउंट ट्रांसफर वाले ज्यादातर मामलों में रिसीवर पैसे लौटाने को तैयार हो जाता है. लेकिन अगर वह पैसे लौटाने से मना कर दे तो आप उसके खिलाफ केस दर्ज कर सकते हैं.

Sunday, 12 April 2020

बिना जिम पेट कैसे कम करें

.स्वाद के साथ सेहत भी


 बीन्स
आहार में प्रतिदिन अलग-अलग तरहह की बीन्स का सेवन करने से भी चर्बी घटती है. साथ ही इससे मांसपेशियां मजबूत होती हैं और पानक्रिया भी सही रहती है. बीन्स की खासियत ये है कि ये लंबे समय तक आपको हेवी फील करवाती है और ऐसी स्थिति में आप बाहर की दूसरी चीजें खाने से परहेज करते हैं. ये सोलबल फाइबर का सबसे अच्छा माध्यम होते हैं. फाइबर खासतौर पर बेली फैट पर असर डालता है.
. अजवाइन

Saturday, 11 April 2020

समृध्दि प्राप्ति के उपाय

[1] मुख्य द्वार के पास कभी भी कूड़ादान ना रखें इससे पड़ोसी शत्रु हो जायेंगे |

[२] सूर्यास्त के समय किसी को भी दूध,दही या प्याज माँगने पर ना दें इससे घर की बरक्कत समाप्त हो जाती है |

[३] छत पर कभी भी अनाज या बिस्तर ना धोएं..हाँ सुखा सकते है इससे ससुराल से सम्बन्ध खराब होने लगते हैं |

[४] फल खूब खाओ स्वास्थ्य के लिए अच्छे है लेकिन उसके छिलके कूडादान में ना डालें वल्कि बाहर फेंकें इससे मित्रों से लाभ होगा |

[५] माह में एक बार किसी भी दिन घर में मिश्री युक्त खीर जरुर बनाकर परिवार सहित एक साथ खाएं अर्थात जब पूरा परिवार घर में इकट्ठा हो उसी समय खीर खाएं तो माँ लक्ष्मी की जल्दी कृपा होती है |

[६] माह में एक बार अपने कार्यालय में भी कुछ मिष्ठान जरुर ले जाएँ उसे अपने साथियों के साथ या अपने अधीन नौकरों के साथ मिलकर खाए तो धन लाभ होगा |

[७] रात्री में सोने से पहले रसोई में बाल्टी भरकर रखें इससे क़र्ज़ से शीघ्र मुक्ति मिलती है और यदि बाथरूम में बाल्टी भरकर रखेंगे तो जीवन में उन्नति के मार्ग में बाधा नही आवेगी |

[८] वृहस्पतिवार के दिन घर में कोई भी पीली वस्तु अवश्य खाएं हरी वस्तु ना खाएं तथा बुधवार के दिन हरी वस्तु खाएं लेकिन पीली वस्तु बिलकुल ना खाएं इससे सुख समृद्धि बड़ेगी |

[९] रात्रि को झूठे बर्तन कदापि ना रखें इसे पानी से निकाल कर रख सकते है हानि से बचोगें |

[१०] स्नान के बाद गीले या एक दिन पहले के प्रयोग किये गये तौलिये का प्रयोग ना करें इससे संतान हठी व परिवार से अलग होने लगती है अपनी बात मनवाने लगती है अतः रोज़ साफ़ सुथरा और सूखा तौलिया ही प्रयोग करें |

[११] कभी भी यात्रा में पूरा परिवार एक साथ घर से ना निकलें आगे पीछे जाएँ इससे यश की वृद्धि होगी |
ऐसे ही अनेक अपशकुन है जिनका हम ध्यान रखें तो जीवन में किसी भी समस्या का सामना नही करना पड़ेगा तथा सुख समृद्धि बड़ेगी |
Kuchh vaastu tips🔴🔴🔴🔴
💥१. घर में सुबह सुबह कुछ देर के लिए भजन अवशय लगाएं ।
💥२. घर में कभी भी झाड़ू को खड़ा करके नहीं रखें, उसे पैर नहीं लगाएं, न ही उसके ऊपर से गुजरे अन्यथा घर में बरकत की कमी हो जाती है। झाड़ू हमेशा छुपा कर रखें |
💥३. बिस्तर पर बैठ कर कभी खाना न खाएं, ऐसा करने से धन की हानी होती हैं। लक्ष्मी घर से निकल जाती है1 घर मे अशांति होती है1
💥४. घर में जूते-चप्पल इधर-उधर बिखेर कर या उल्टे सीधे करके नहीं रखने चाहिए इससे घर में अशांति उत्पन्न होती है।
💥५. पूजा सुबह 6 से 8 बजे के बीच भूमि पर आसन बिछा कर पूर्व या उत्तर की ओर मुंह करके बैठ कर करनी चाहिए । पूजा का आसन जुट अथवा कुश का हो तो उत्तम होता है |
💥६. पहली रोटी गाय के लिए निकालें। इससे देवता भी खुश होते हैं और पितरों को भी शांति मिलती है |
💥७.पूजा घर में सदैव जल का एक कलश भरकर रखें जो जितना संभव हो ईशान कोण के हिस्से में हो |
💥८. आरती, दीप, पूजा अग्नि जैसे पवित्रता के प्रतीक साधनों को मुंह से फूंक मारकर नहीं बुझाएं।
💥९. मंदिर में धूप, अगरबत्ती व हवन कुंड की सामग्री दक्षिण पूर्व में रखें अर्थात आग्नेय कोण में |
💥१०. घर के मुख्य द्वार पर दायीं तरफ स्वास्तिक बनाएं |
💥११. घर में कभी भी जाले न लगने दें, वरना भाग्य और कर्म पर जाले लगने लगते हैं और बाधा आती है |
💥१२. सप्ताह में एक बार जरुर समुद्री नमक अथवा सेंधा नमक से घर में पोछा लगाएं | इससे नकारात्मक ऊर्जा हटती है |
💥१३. कोशिश करें की सुबह के प्रकाश की किरणें आपके पूजा घर में जरुर पहुचें सबसे पहले |
💥१४. पूजा घर में अगर कोई प्रतिष्ठित मूर्ती है तो उसकी पूजा हर रोज निश्चित रूप से हो, ऐसी व्यवस्था करे |

"पानी पीने का सही वक़्त".
(1) 3 गिलास सुबह उठने के बाद,
.....अंदरूनी उर्जा को Activate
करता है...
(2) 1 गिलास नहाने के बाद,
......ब्लड प्रेशर का खात्मा करता है...
(3) 2 गिलास खाने से 30 Minute पहले,
........हाजमे को दुरुस्त रखता है..
(4) आधा गिलास सोने से पहले,
......हार्ट अटैक से बचाता है..

यह बहुत अच्छा Msg है

Please इसे सब ग्रुपस में Frwd कर दिया जाये,नहीं आ सकता दुबारा क्योंकि इस साल फरवरी में चार रविवार, चार सोमवार, चार मंगलवार, चार बुधवार, चार बृहस्पतिवार, चार शुक्रवार, चार शनिवार.

यह प्रत्येक 823 साल में एक बार होता है।

यह धन की पोटली कहलाता है।

इसलिए कम से कम पाँच लोगों को या पाँच ग्रुप में भेजें और पैसा चार दिन में आयेगा।

चाॅयनिज पर आधारित है।

पढ़ने के  1 मिनट के #share करें

Friday, 10 April 2020

कश्मीर में संस्कृत

भारत के इतिहास में जब कभी पुरातन भाषा की चर्चा होती है, तो निर्विवाद रूप से जिस भाषा का नाम आता है, वह है — संस्कृत। संस्कृत अध्ययन के पुरातन केंद्रों में वाराणसी और दक्षिण भारत के कांची और शृंगेरी जिस भूभाग का नाम सबसे पहले आता है, वह है कश्मीर। कश्मीर का पुराना संस्कृत नाम काश्मीर है, जो अब बदलकर कश्मीर हो गया है। कश्मीर को ‘शारदा देश’ के नाम से पुकारा जाता है। शारदा देश यानी माता सरस्वती का निवास स्थान। इन विशेषण से ही समझा जा सकता है कि कश्मीर में कितने विद्वानों का प्रादुर्भाव हुआ होगा।
कश्मीर भारत में एकमात्र राज्य है जहां अतीत में सबसे लंबे समय तक न सिर्फ पठन-पाठन बल्कि संपर्क भाषा के रूप में भी संस्कृत का इस्तेमाल हुआ। इंग्लैंड के भाषाशास्त्री जॉर्ज ग्रिअर्सन पिछली सदी के शुरुआत में एक दस्तावेज में लिखते हैं,‘बीते दो हजार सालों के दौरान कश्मीर संस्कृत के पठन-पाठन का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। यहां संस्कृत में दार्शनिक विमर्श से लेकर शृंगार कथाओं तक की रचना हुई।’
सम्राट् अशोक (300 से 200 ईसा पूर्व) के समय कश्मीर घाटी में बौद्ध धर्म का प्रसार हुआ। उस समय इस क्षेत्र में संस्कृत की महत्ता इसी बात से समझी जा सकती है कि तब जहां पूरे भारत में बौद्ध धर्म की मूल बातें पाली में लिखी गईं, वहीं कश्मीर में इसकी शिक्षाएं पहली बार संस्कृत में दर्ज हुईं। मध्य एशिया तक संस्कृत का प्रसार कश्मीरी विद्वानों ने ही किया था। उस समय न सिर्फ पूरे भारत से छात्र यहां संस्कृत पढ़ने आते थे बल्कि एशिया के दूसरे देशों के विद्वानों के लिए भी यह संस्कृत अध्ययन का बड़ा केंद्र था। चीनी यात्री ह्वेनसांग ने कश्मीर में रहकर संस्कृत के माध्यम से बौद्ध धर्म का अध्ययन किया था।
संस्कृत व्याकरण के नियम बनाने वाले पाणिनि के बारे में ज्यादातर विद्वानों की राय है कि उनका जन्म ईसा से चौथी सदी पूर्व पाकिस्तान के खैबर पख्तून्ख्वा में हुआ था। लेकिन इतिहासकारों का एक वर्ग कहता है कि वे दक्षिण कश्मीर के गोद्रा गांव में जन्मे थे। यही कारण रहा होगा कि पाणिनि की अष्टाध्यायी (संस्कृत व्याकरण का प्राचीन ग्रंथ) पर सबसे ज्यादा टीका कश्मीर के विद्वानों ने ही लिखी हैं।
कश्मीर में संस्कृत 12वीं से 13वीं शताब्दी तक काफी प्रभावी रही। कल्हण का प्रसिद्ध ‘राजतरंगिणी’ ग्रंथ इसी समय की रचना है। प्राचीन भारतीय भाषाओं के अध्येता जॉर्ज बुहेलर (1837 से 1898) का एक दस्तावेज बताता है कि उन्होंने 1875 में कश्मीर की यात्रा की थी और तब उनकी 25 से ज्यादा संस्कृत बोलने वाले पंडितों से मुलाकात हुई और ऐसे दसियों सरकारी अधिकारी भी थे जो उस वक्त संस्कृत बखूबी समझ लेते थे। पिछली सदी में राजनीतिक उथलपुथल के चलते कश्मीर में इस भाषा के विकास पर किसी ने ध्यान ही नहीं दिया।
पिछली शताब्दियों में यहां इस्लाम का प्रभाव बढ़ने लगा। ईराक से आए सूफी मीर सैय्यद शमसुद्दीन के प्रभाव से कश्मीर में इस्लाम मानने वालों की आबादी तेजी से बढ़ी। उसके बाद से क्षेत्र में संस्कृत का प्रभाव घटने लगा। पिछली सदी आते-आते कश्मीरी पंडितों में भी संस्कृत का ज्ञान रखने वाले नाममात्र के लोग ही रह गए थे।
वसुधैव कुटुम्बकम्, उद्भट और कश्मीर
हमारा देश संस्कृत में लिखे जिस आदर्श वाक्य से अपने औदार्य को चहुं ओर प्रकट करता है, वह है – ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ यानी सम्पूर्ण पृथ्वी एक परिवार है। पर यह अल्पज्ञात है कि वैर-भाव और अपना-पराया भूलकर सब को अपना बताने वाला यह कथन बारह सौ सालों से ज्यादा पुराना है। इसके लेखक हैं कवि उद्भट। जिस भूमि पर इस उदार भावना को श्लोकबद्ध किया गया, वह भूमि है माता शारदा का निवास स्थान कश्मीर। जिन राजा के शासन में यह ऐतिहासिक वाक्य रचा गया, वे हैं महाराज जयापीड विनयादित्य। पूरा श्लोक इस प्रकार है –
अयं बन्धु: परो वेति गणना लघुचेतसाम्।
पुंसामुदारचित्तानां वसुधैव कुटुम्बकम्॥
इस श्लोक के कई रूप प्रचलित हैं, जिनका लोग उपयोग अमर इतिहास की उदारता बताने के लिए करते हैं। जैसे –
अयं निज: परो वेति गणना लघुचेतसाम्।
उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्॥
श्लोक में तीन पदों से भले छेड़छाड़ इुर्ह हो पर चौथा पद ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ सर्वत्र समान है, जो हमारी वैदिक चेतना से प्रकाशित है और संसार को भारत के होने का मतलब समझाता है।
उद्भट कश्मीर में हुए महान् संस्कृत कवि थे। वे उद्भट भट्ट, भट्ट उद्भट, उद्भटाचार्य नाम से जाने जाते हैं। महाकवि कल्हण ने राजतरङ्गिणी में लिखा है – जयापीड विनयादित्य नाम के महान् प्रतापी राजा ने 770 से 801 ईस्वी में 31 वर्षों तक कश्मीर के राज्यासन को अलंकृत किया।
महाराज जयापीड स्वयं कवित्व—शक्ति से संपन्न थे, इस नाते उन्होंने बहुत—से पण्डितों को उपहार तथा दक्षिणा देकर अपनी सभा में प्रतिष्ठित किया। इन कवियों में भट्ट उद्भट, दामोदर गुप्त, मनोरथ, शङ्खदत्त, चटक, सन्धिमान्, वामन और क्षीर नामक आठ कवि प्रधान थे। इन कवियों के शिरोमणि उद्भट कवि मधुर कविताओं से महाराज जयापीड को सुपरितोषित करके उनसे प्रतिदिन एक लाख दीनार प्राप्त करते थे। इससे उनके पाण्डित्य की महिमा, कवित्व-शक्ति और चित्त-चमत्कारी कविता निर्माण का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है। इसी अभिप्राय से कल्हण ने राजतरङ्गिणी 4/493 में लिखा है –
समग्रहीत्तथा राजा सोऽन्विष्य निखिलान् बुधान्।
विद्वद्दुर्भिक्षमभवद्यथाऽन्यनृपमण्डले॥
बुद्धिमान् राजा जयापीड ने धरती के सारे विद्वानों को अपने कश्मीर राज्य में प्रतिष्ठित कर लिया। इससे दूसरे राजाओं के राज्यों में विद्वानों का अकाल ही पड़ गया।

Wednesday, 8 April 2020

मोबाइल टॉवर का खतरा

मोबाइल टावर के दुष्परिणाम (Mobile Tower Radiation Side Effects)
  • मनुष्य के दिमाग में असर करता है – रिपोर्ट के अनुसार जो लोग मोबाइल टावर के आसपास रहते है, उसके संपर्क में अधिक आते है, उन्हें सर दर्द, ट्यूमर, माइग्रेन की समस्या अधिक होती है. कुछ लोगों को भूलने की बीमारी, याददाश्त खो जाना जैसी समस्या ये भी गुजरना पड़ता है.
  • कैंसर – कुछ लोगों का मानना है कि मोबाइल टावर मानव शरीर में कैंसर के सेल्स बनाने में भी मदद करते है, लेकिन इस पर अभी जांच पड़ताल चल रही है. ये कितना सही है, कितना गलत अभी नहीं कहा जा सकता.
  • बच्चों पर बुरा असर – मोबाइल टावर विकिरण का बच्चों पर भी बहुत बुरा असर होता है. आँखों में जलन, आँखों से पानी आना, सर दर्द, चिड़चिड़ाहट आदि समस्याएं सामने आती है. बच्चों का इन विकिरण के पास अधिक खतरनाक है, क्यूंकि आगे चलकर ये समस्याएं उनके लिए अधिक मुसीबत बन जाएँगी. बच्चों में ध्यान केंद्रित करने में भी समस्या होती है, जिससे उनकी पढाई पर असर पड़ता है.
  • जीव जंतु पर असर – मोबाइल टावर मनुष्यों के साथ-साथ पशु पक्षी के लिए भी बहुत खतरनाक है. पक्षी इन मोबाइल टावर से निकलने वाली विकिरण से दूर रहते है, क्यूंकि वो जब इसके संपर्क में आते है, उनकी मृत्यु हो जाती है. आजकल हमारे घर के आस-पास नाम मात्र को चिड़िया या कोई भी अन्य पक्षी देखने को मिलते है, हम खुद ही इस बात के गवाह है. शहरों के बीच में ये मोबाइल टावर खड़े हो रहे है, जिससे पक्षी शहरों में अपना बसेरा छोड़ चुके है, वो ऐसे हिस्सों में रहना पसंद करते है, जहाँ मोबाइल विकिरण न हो. मधुमक्खियों  में इसका असर बहुत गहरा दिख रहा है, उनके अंदर प्रजनन की समस्या भी हो रही है.
  • पेड़ों के लिए नुकसान – कुछ अध्ययन में पाया गया है कि मोबाइल टावर रेडिएशन पेड़ों के लिए भी अच्छी नहीं है. मोबाइल टावर एंटीना के सीधे संपर्क में आने से पेड़ों के ऊपरी हस्से सुख जाते है. उनका विकास उतनी गति से नहीं होता, जितना होना चाहिए.
  • गर्भवती महिलाओं पर बुरा असर : इसके विद्युतीय विकिरण का प्रभाव गर्भ पर भी बुरा पड़ता हैं, जिससे भ्रूण कमजोर हो सकता हैं और गर्भपात भी हो सकता हैं.
  • अन्य समस्या – मनुष्यों में इसकी वजह से अनिंद्रा (नींद न आने की बीमारी), तनाव, चिड़चिड़ाहट होना, पाचन में समस्या, धड़कन बढ़ना, बहरापन, बाँझपन आदि.
सरकार का इस विषय पर कहना है कि मोबाइल टावर से मनुष्य को कोई नुकसान नहीं है. इसकी जांच चल रही है, इसलिए किसी भी टिपण्णी पर हामी भरना गलत होगा. दरअसल ग्वालियर के एक आदमी ने अपने घर के पास लगे टावर को हटाने के लिए याचिका दर्ज की है, उनका कहना है कि टावर की वजह से ही उन्हें कैंसर हो गया है. इस पर दूरसंचार मंत्री ने बैठक की और जाँच के आदेश दिए है.संचार मंत्री  का कहना है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन और अन्य संसथान में शोध हुए है, जिसके परिणाम के अनुसार मानव शरीर में मोबाइल टावर रेडिएशन का कोई असर नहीं होता है. लेकिन इस पर अभी विश्व स्तर पर और गहरी जांच हो रही है.
मोबाइल टावर रेडिएशन की ऑनलाइन जाँच (How can I check my mobile radiation level?)
सरकार ने इस समस्या का एक हल भी निकाला है. कई कंपनी सरकार के नियमों का उलंघन करते हुए, इन टावर्स को गलत जगह खड़ा कर देते है. मोबाइल टावर से इलेक्ट्रोमेग्नेटिक रेडिएशन निकलती है, जिसे इएम्ऍफ़ एमिशन (EMF Emissions) कहते है. इसकी शिकायत के लिए के पोर्टल बनाया गया है. आप अपने घर के पास बने मोबाइल टावर की शिकायत ऑनलाइन पोर्टल के द्वारा कर सकते है, आप इस पोर्टल के द्वारा यह भी चेक करवा सकते है कि आपके करीब का मोबाइल टावर सुरक्षित है की नहीं.
दूरसंचार विभाग एवं संचार मंत्रालय ने तरंग संचार नाम का एक पोर्टल लांच किया है, जिसमें जाकर आप मोबाइल टावर सम्बन्धी शिकायत कर सकते है. बहुत से अध्ययन के बाद भी सभी के अंदर इसको लेकर भ्रम बना हुआ है, इसीलिए सरकार इस पोर्टल के द्वारा  सही जानकारी पहुंचाएगी. लोगों में जो भी गलत अवधारणा प्रचलित है, उसे इस पोर्टल के द्वारा विराम मिलेगा.
कैसे करें तरंग पोर्टल में शिकायत (Tarang Online Portal)
  • सबसे पहले तरंग संचार ऑनलाइन पोर्टल खोलें. यहाँ अपने एरिया, जहाँ आप रहते है, उसे डालें.
  • आप जीपीएस सिस्टम ऑन करके अपने एरिया की जानकारी आटोमेटिक भी दे सकते है. इसके बाद इएम्एफ ओवरव्यू (EMF Overview) पर क्लिक करें. यहाँ अपनी पर्सनल जानकारी भरें और सबमिट करें, आपकी मेल आईडी पर ओटीपी आएगा, जिसे भरने के बाद आपके शहर के सारे टावर आपको स्क्रीन पर दिखाई देंगें.
  • किसी एक टावर पर क्लिक कर के आप ये पता कर सकते है, कि यह सरकारी नियमों के अनुसार लगा है या नहीं और सुरक्षित है या नहीं.
  • इसके अलावा अगर आप ईएमएफ एमिशन (EMF Emissions) की और गहराई से सही जानकारी चाहते है तो 4000 रूपए देकर आप इसकी जांच करवा सकते है.
मोबाइल टावर सुरक्षित है या जानलेवा ये तो क्लियर नहीं है, लेकिन कई लोग जो इसके करीब रहते है, उन्हें महसूस हुआ है कि उन्हें बहुत सी समस्याएं इसकी वजह से ही हो रही है. आने वाले में दिनों शोध से और भी सही रिजल्ट सामने आ सकते है.

Tuesday, 7 April 2020

Educational article

Definite Article THE

Definite articles "The" generally points out a particular person, place or thing, is called Definite articles [ The ]
आइये इसके बारे में विस्तृत रूप से समझते हैं।
हम लोगों ने हमेशा से ही पढ़ा है कि "an"का प्रयोग तब किया जाता है जब अगले शब्द की शुरुआत स्वर (a, e, i, o, u) से हो और "a" का प्रयोग तब किया जाता है जब अगले शब्द की शुरुआत व्यंजन (b, c, d, f, g, h, j, k, l, m, n, p, q, r, s, t, v, w, x, y, z) से हो। अगर ये सच है तो फिर "hour" के साथ "an" का प्रयोग क्यों किया जाता है जबकि "hour" एक ऐसा शब्द है जिसकी शुरुआत व्यंजन (h) से होती है। और "University" के साथ "a" का प्रयोग क्यों किया जाता है, जबकि "University" एक ऐसा शब्द है जिसकी शुरुआत स्वर (u) से होती है। सच तो ये है कि बात स्वर या व्यंजन से शुरु होने की नहीं ! बल्कि स्वर या व्यंजन की ध्वनि से शुरु होने की है।
We have often been taught that "an" is used when the next word starts with a vowel and "a" is used when the next word starts with a consonant. If it is true then why do we say "An hour" or "A university", "h" is a consonant, why don't we use "a" before it and "u" is a Vowel, why don't we use "an". The fact is, it's not about starting of next word with a vowel or a consonant rather it's all about the starting of next word with a vowel sound or a consonant sound.

Article A और An का उपयोग ( Use of Article A and An ). "एक" इस शब्द पर ज़ोर न देना हो तो एक अर्थ में "One" के बजाय अक्सर A या An का उपयोग किया जाता है।

उदाहरण
1. एक रानी थी।
1. There was a queen. 
2. एक कहावत है।
2. There is a proverb.
3. मैं वहां एक दिन रहूंगा।
3. I will stay there for a day.
4. ये एक एप्पल है।
4. This is an Apple.
a या an का प्रयोग एकवचन एक गणनीय संज्ञा के साथ होता है। 
उदाहरण
a book, an apple, an egg, a car.
स्वर से शुरू होने वाले नहीं बल्कि स्वर जैसे उच्चारण से शुरू होने वाले शब्दों के साथ "an" का प्रयोग किया जाता है। इसी तरह व्यंजन से शुरू होने वाले नहीं बल्कि व्यंजन जैसे उच्चारण से प्रारंभ होने वाले शब्द के साथ "a" का प्रयोग किया जाता है। आइये एक उदाहरण से समझते हैं।
egg और European ये दोनों शब्द e से (यानी स्वर से) प्रारंभ हुए हैं. लेकिन इन दोनों में फ़र्क है. जैसे egg यह शब्द छोटी e से शुरू हुआ. European बड़ी E से शुरू हुआ. लेकिन a/an के फ़र्क का इस छोटी बड़ी e से कोई संबंध नहीं है; egg और European इन शब्दों के उच्चारण की शुरुआत देखें इन दोनों के उच्चारण की शुरुआत अलग अलग है। egg के उच्चारण की शुरुआत "ए" से यानी स्वर से होती है। European के उच्चारण की शुरुआत "यू" (यानी "य", अर्थात व्यंजन) से होती है, इसलिये egg के साथ "an" और European के साथ "a" आएगा।

Monday, 6 April 2020

जब ना हो प्याज टमाटर



अधिकांश भारतीय व्यंजनों को असली स्वाद, तड़के के कारण मिलता है। जिसके लिए मुख्य रूप से प्याज और टमाटर का इस्तेमाल किया जाता है। अगर आपके इलाके में ताजी सब्जियों की सप्लाई कम है तो स्वादिष्ट ग्रेवी तैयार करने के लिए आप अन्य विकल्प भी आजमा सकती हैं।  https://www.cash4offers.com/?ref=976501

1-घर में प्याज-टमाटर नहीं है, पर पिज्जा या पास्ता सॉस है तो समझिए आपकी परेशानी खत्म। ग्रेवी बनाने के लिए इनका इस्तेमाल करें। ये कई फ्लेवर में उपलब्ध हैं। तीखापन कम करने के लिए आप पानी की मदद से ग्रेवी को पतला कर सकती हैं।
2-प्याज या टमाटर की कमी को दूर करने के लिए आप शाही ग्रेवी तैयार कर सकती हैं। काजू को पीसकर उसे ग्रेवी में इस्तेमाल करें। अगर घर में काजू भी खत्म हो गया है तो मूंगफली और सफेद तिल को भूनकर पीस लें और उसका इस्तेमाल ग्रेवी बनाने में करें।
3-खसखस का इस्तेमाल ग्रेवी में करके भी आप अपनी डिश को अनूठा स्वाद दे सकती हैं।
4-नारियल का बूरा भी आपकी ग्रेवी को स्वादिष्ट बनाने के साथ-साथ एक अलग टेक्सचर देने का काम करेगा।
5-दूध की तुलना में दही ज्यादा दिनों तक टिकता है। दही का इस्तेमाल अपनी ग्रेवी में करें। इससे ग्रेवी को क्रीमी टेक्सचर मिलेगा

Friday, 3 April 2020

CORRECT BREATHING

Most of us breathe with our chest. So when we breathe in and out our chest expands and contracts. This is known as thoracic breathing.https://zee.gl/uf0LpWz It's not a very efficient way of breathing because it limits the amount of oxygen entering your body.

When we're stressed we tend to breathe thoracically, and these sharp inefficient breaths cause our heart to beat faster and our stress levels to rise.

The most efficient way of breathing is belly breathing (also known as diaphragmatic breathing). With belly breathing your belly expands and contracts rather than your chest.

Belly breathing  encourages a lot more life giving oxygen to flow around your body and it expels a lot more of that nasty carbon dioxide.

Here are some of the other amazing benefits of belly breathing:

  • It lowers the stress hormone cortisol in your body

  • It stimulates the lymphatic systems and detoxifies the body

  • Lowers blood pressure

  • Improves digestion

  • It strengthens the diaphragm and improves breathing efficiency

Thursday, 2 April 2020

कुकिंग tips जो आपको बनायेंगे शेफ


घर का खाना सेहत के लिए अच्छा होता है लेकिन समोसे जैसे स्नैक्स को बनाने में हम आसल कर जाते हैं। इसके लिए मन में इस बात का डर रहता है कि क्या यह बाजार की तरह कुरकुरे बनेंगे या नहीं, इसी तरह ऐसी और भी बहुत सी डिशेज हैं जो आप आसानी से बनाने में कतराते हैं तो जाने कुछ आसान से कुकिंग टिप्स।

1. समोसे का आटा गूंथते समय इसमें थोड़ा-सा चावल का आटा मिला लें। इससे समोसे कुरकुरे बनेंगे।

2. नाश्ते में अगर भटूरे हो तो खाने का मजा और भी बढ़ जाता है। घर पर भटूरे बना रहे हैं तो आटे में खमीर जल्दी बनाने के लिए इसमें 2-3 स्लाइस ब्रेड के तोड़कर डाल दीजिए। इससे खमीर जल्दी उठेगा।

3. दही बड़े बनाने के लिए दाल पीस रही हैं तो इसमें थोड़ी-सी सूजी भी मिला दें। इससे बड़े ज्यादा नर्म बनते हैं।

4. टिक्की खाने के शौकिंन हैं तो इसे बाजार से लाने की बजाए घर पर बनाएं तो बेहतर है। आलू की टिक्की के मिश्रण में एक कच्चे केले को उबाल कर उसे इसमें मिक्स कर लें। इससे टेस्ट बढ़िया आएगा।

5. प्याज ज्यादा काट लिया है तो इसे फैंकने की बजाए इसमें थोड़ा-सा नमक और सिरका मिलाकर रख दें। इसे स्लाद की तरह खा सकते हैं।
                                   
6. दूध फटने का आभास हो रहा हो तो इसमें 1 चम्मच पानी और आधा चम्मच खाने का सोड़ा मिलाकर उबाल दें। इससे दूध नहीं फटेगा।

7. घर पर देसी घी बनाते समय जरा सी तेज आंच होने पर जल्दी ही जल भी जाता है। घी का कालापन दूर करनेे के लिए इसमें ताजा आलू का टुकड़ा काटकर डाल कर घी गर्म कर लें। इससे घी साफ हो जाएगा।

8. आलू के बने चिप्स स्टोर करने के लिए इसमें सूखी लाल मिर्च व नीम की सूखी पत्तियां रख दें। इससे गंध नहीं आएगी।

9. नींबू के अचार में नमक के दाने पड़ जाते हैं तो अचार में थोड़ी-सी पीसी चीनी मिला दें। इससे अचार दोबारा ताजा हो जाएगा।

10. आम का अचार बनाते समय इसकी फांको पर नमक और हल्दी लगाकर रखते हैं तो 1-2 चम्मच पीसी चीनी भी बुरक दें, इससे अचार का अतिरिक्त पानी भी निकल जाएगा और अचार की रंगत भी खराब नहीं होगी।

घर मे बनाये स्वादिष्ट बिस्कुट

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घर में बनाएं स्वादिष्ट करारे बिस्कुट
महीनों चलेंगे ये बिस्कुट एक भगोने में 200ग्राम देशी घी, पिशी चीनी 150 ग्राम, ड्राई फ्रूट बारीक महीन कटे हुए उपरोक्त सामानो को अच्छे से मिला लें,इसमे एक छोटा कप दूध डाल दे फिर चम्मच से अच्छे से मिलायें सबको एक जान एक कर लें सबसे imp काम अब इसमे लोगो की या हिसाब से आटा मिलाए ध्यान रहे पानी बहुत थोड़ा थोड़ा धीरे धीरे मिलाना है जैसे आटा सानते हैं वैसे साने इसके बाद एक थाली पलट कर उसपर बेलन से बेल लें थोड़ा मोटा बेलना है बस बॉटल के ढक्कन से छोटे बिस्कुट साइज़ के बराबर काट लें कड़ाही मे अच्छे से घी डाल कर गरम करे आराम से जितने कड़ाही मे आ जायें उतने डाल दें धीमी आंच पर आराम से क्रिस्प होने दे गोल्डेन ब्राउन होने पर निकाल कर एयर टाइट डिब्बे मे रखे ठंडा होने के बाद रखे तो ज्यादा अच्छा हैं