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Tuesday, 14 April 2020

कोरोना VIRUS



नई दिल्ली: कोरोना वायरस की वजह से पूरे इटली में घूमने-फिरने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. 6 करोड़ लोगों के ऊपर इसका असर होगा. पहले यह प्रतिबंध सिर्फ lombardy राज्य में लगाया था, लेकिन सोमवार की रात को इटली के प्रधानमंत्री ने पूरी देश मे प्रतिबंध लगा दिया. सोमवार को इटली में 97 लोगों की मौत हुई, जिसके बाद कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़कर 463 हो गई. Lombardy इलाके में सबसे ज्यादा 333 लोगों की मौत हुई है. इटली में 20 शहरों में यह वायरस फैल चुका है. चीन के बाद पूरी दुनिम में कुल मिलाकर जितने लोगों की मौत हुई है उन में से आधा से ज्यादा इटली में मरे हैं. इटली में सभी स्पोर्टिंग इवेंट को कैंसिल कर दिया गया है जिसमें सीरीज A फुटबाल लीग भी शामिल है. सोमवार को इटली में 1897 नए कोरोना वायरस केस सामने आया, जिसके बाद इटली में पीड़ितों की संख्या 9172 पहुंच गई.https://ak2907.blogspot.com/2020/03/blog-post_12.html

10 मार्च को ढाई बजे तक मिले आंकड़े के हिसाब से पूरी दुनिया में कोरोना वायरस से पीड़ितों की संख्या 1,14,530 तक पहुंच गई है. इसके साथ ही 4028 लोगों की मौत हो गई है. हालांकि संक्रमित लोगों में से 64266 लोग ठीक हो चुके हैं. अभी भी 46236 लोगों की अलग-अलग अस्पताल में ट्रीटमेंट चल रहा है जिसमें 5771 लोगों की स्थिति बहुत खराब है. 22 जनवरी को कोरोना वायरस की वजह से 580 लोगों को अस्पताल में एडमिट किया गया था. 27https://ak2907.blogspot.com/2020/03/blog-post_12.html जनवरी को यह संख्या बढ़कर 4581 हो गई थी, इसके बाद 1 फरवरी को 14553, 15 फरवरी को 69197, 3 मार्च को 93016, और मार्च 9 तक बढ़कर यह 114381 हो गई. 8 मार्च के दिन कोरोना वायरस की वजह से 228 लोगों की मौत हुई. किसी एक दिन में मरने वालों का यह सबसे बड़ा आंकड़ा था. 9 मार्च को 198 लोगों की मौत हुई. कोरोना वायरस के बारे में जब पता चला था तब वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन (WHO) ने Mortality रेट 2 प्रतिशत का अनुमान लगाया था, लेकिन अब यह बढ़कर 3.4 प्रतिशत हो गया.




चीन में सबसे ज्यादा 80757 लोग कोरोना वायरस के चपेट में आए हैं, जिनमें से 3136 लोगों की मौत हो चुकी है. सोमवार को चीन में 17 लोगों की मौत हुई. वहीं अभी तक 60104 लोग ठीक हो चुके हैं. इसके अलावा 17517 लोगों की अलग-अलग अस्पताल में ट्रीटमेंट चल रही है जिसमें से 4794 लोगों की कंडीशन बहुत क्रिटिकल है. चीन में 10 लाख पर 56 लोग इस वायरस से पीड़ित हैं. लोग यही कहते हैं कि चीन सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है लेकिन जनसंख्या के साथ तुलना की जाए तो सबसे ज्यादा खराब स्थिति इटली की है. इटली में 10 लाख लोगों पर 152 लोग कोरोना वायरस से पीड़ित हैं. कुल मिलाकर अभी तक इटली में 9172 लोग इस वायरस से पीड़ित हैं जिसमें से 463 लोगों की मौत हो चुकी है. इटली में सिर्फ 724 लोग ठीक होकर घर गए हैं जब की 7985 लोगों का इलाज चल रहा है


इटली के बाद साउथ कोरिया में 7513 केस सामने आए हैं जिनमें से 54 लोगों की मौत हो चुकी है. साउथ कोरिया में 10 लाख लोगों पर 146 लोग इस वायरस का शिकार हुए हैं. चीन और इटली के बाद सबसे ज्यादा मौत ईरान में हुई है. ईरान में अब तक 237 लोगों की मौत हो चुकी है. ईरान में कुल मिलाकर 7161 लोग इस वायरस से संक्रमित हुए हैं. ईरान में 10 लाख पर 85 लोग कोरोना वायरस का शिकार हुए हैं. ट्रीटमेंट के मामले सबसे अच्छा काम सिंगापुर ने किया है. सिंगापुर में कुल मिलाकर 160 लोग इस वायरस की शिकार हुए हैं जिस में से 93 लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं. सिंगापुर में किसी की भी मौत नहीं हुई है.

कोरोना वायरस की वजहhttps://ak2907.blogspot.com/2020/03/blog-post_12.html से सबसे ज्यादा प्रभावित वृद्ध लोग हो रहे हैं. 80 साल से ज्यादा उम्र के लोग जो इस वायरस का शिकार हुए हैं उन में से 14.8 प्रतिशत लोगों की मौत हो गई है. 70 से 79 के उम्र के बीच Mortality रेट 8 प्रतिशत है, 60-69 के उम्र के बीच Mortality रेट 3.6 प्रतिशत है , 50 से 59 के बीच 1.3 प्रतिशत, 40 से 49 के बीच 0.4 प्रतिशत, 10 से 39 के बीच 0.2 प्रतिशत Mortality रेट है जबकि 0 से 9 के बीच अब किसी भी बच्चों की मौत नहीं हुई है. Confirmed केस में पुरुषों में मोर्टेलिटी रेट 4.7 प्रतिशत है जबकि महिलाओं में 2.8 प्रतिशत है. जो लोग हार्ट के पेशेंट हैं उनके अंदर मोर्टेलिटी रेट 13.2 प्रतिशत है,डायबेटिक्स रोगी के अंदर मोर्टेलिटी रेट 9.2 प्रतिशत है, हाइपरटेंशन रोगियों के बीच मोर्टेलिटी रेट 8.4 प्रतिशत है, कैंसर पीड़ित रोगियों के बीच मोर्टेलिटी रेट 7.6 प्रतिशत है.


कोरोना वायरस को इटली जैसे देश ने शुरुआत में गंभीरता से नहीं लिया, जिसकी वजह से वहां यह स्थिति पैदा हुई. 22 जनवरी को चीन में 571 लोग कोरोना वायरस का शिकार हुए थे. 10 फरवरी तक यह संख्या बढ़कर 42638 हो गई. 15 फरवरी तक 68500 पहुंच गई. 22 जनवरी से लेकर 15 फरवरी तक इटली ने कोरोना वायरस को रोकने के लिए कोई खास कदम नहीं उठाया. इटली में पहला केस 15 फरवरी को आया था. इस दिन 3 लोग कोरोना वायरस का शिकार हुए थे. फिर धीरे-धीरे यह संख्या बढ़ती चली गई. अब 9 मार्च तक यह संख्या 9172 पहुंच गई है. चीन के लोगों के लिए इटली लोकप्रिय पर्यटन स्थल है.


कोरोना वायरस के कहर से कैसे करें खुद का बचाव?https://ak2907.blogspot.com/2020/03/blog-post_12.html

WHO का कहना है कि हाथ बार-बार धोना चाहिए, जिन लोगों को कोरोना वायरस हुआ है उन्हें चेहरे पर मास्क पहनना चाहिए. अगर कोई खांस या छींक रहा है उसे मास्क पहनना जरूरी है. मास्क को इस्तेमाल करने से पहले आपने हाथों को अच्छे से धो लें.


खास बातें
भारत मे कोरोना वायरस के वजह से 56 लोग संक्रमित हुए
कोरोना वायरस को लेकर लोगों को सचेत होना बहुत जरूरी
WHO का कहना है कि हाथ बार-बार धोना चाहिए
नई दिल्ली: कोरोना वायरस की वजह से पूरे इटली में घूमने-फिरने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. 6 करोड़ लोगों के ऊपर इसका असर होगा. पहले यह प्रतिबंध सिर्फ lombardy राज्य में लगाया था, लेकिन सोमवार की रात को इटली के प्रधानमंत्री ने पूरी देश मे प्रतिबंध लगा दिया. सोमवार को इटली में 97 लोगों की मौत हुई, जिसके बाद कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़कर 463 हो गई. Lombardy इलाके में सबसे ज्यादा 333 लोगों की मौत हुई है. इटली में 20 शहरों में यह वायरस फैल चुका है. चीन के बाद पूरी दुनिम में कुल मिलाकर जितने लोगों की मौत हुई है उन में से आधा से ज्यादा इटली में मरे हैं. इटली में सभी स्पोर्टिंग इवेंट को कैंसिल कर दिया गया है जिसमें सीरीज A फुटबाल लीग भी शामिल है. सोमवार को इटली में 1897 नए कोरोना वायरस केस सामने आया, जिसके बाद इटली में पीड़ितों की संख्या 9172 पहुंच गई. 
10 मार्च को ढाई बजे तक मिले आंकड़े के हिसाब से पूरी दुनिया में कोरोना वायरस से पीड़ितों की संख्या 1,14,530 तक पहुंच गई है. इसके साथ ही 4028 लोगों की मौत हो गई है. हालांकि संक्रमित लोगों में से 64266 लोग ठीक हो चुके हैं. अभी भी 46236 लोगों की अलग-अलग अस्पताल में ट्रीटमेंट चल रहा है जिसमें 5771 लोगों की स्थिति बहुत खराब है. 22 जनवरी को कोरोना वायरस की वजह से 580 लोगों को अस्पताल में एडमिट किया गया था. 27 जनवरी को यह संख्या बढ़कर 4581 हो गई थी, इसके बाद 1 फरवरी को 14553, 15 फरवरी को 69197, 3 मार्च को 93016, और मार्च 9 तक बढ़कर यह 114381 हो गई. 8 मार्च के दिन कोरोना वायरस की वजह से 228 लोगों की मौत हुई. किसी एक दिन में मरने वालों का यह सबसे बड़ा आंकड़ा था. 9 मार्च को 198 लोगों की मौत हुई. कोरोना वायरस के बारे में जब पता चला था तब वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन (WHO) ने Mortality रेट 2 प्रतिशत का अनुमान लगाया था, लेकिन अब यह बढ़कर 3.4 प्रतिशत हो गया.



चीन में सबसे ज्यादा 80757 लोग कोरोना वायरस के चपेट में आए हैं, जिनमें से 3136 लोगों की मौत हो चुकी है. सोमवार को चीन में 17 लोगों की मौत हुई. वहीं अभी तक 60104 लोग ठीक हो चुके हैं. इसके अलावा 17517 लोगों की अलग-अलग अस्पताल में ट्रीटमेंट चल रही है जिसमें से 4794 लोगों की कंडीशन बहुत क्रिटिकल है. चीन में 10 लाख पर 56 लोग इस वायरस से पीड़ित हैं. लोग यही कहते हैं कि चीन सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है लेकिन जनसंख्या के साथ तुलना की जाए तो सबसे ज्यादा खराब स्थिति इटली की है. इटली में 10 लाख लोगों पर 152 लोग कोरोना वायरस से पीड़ित हैं. कुल मिलाकर अभी तक इटली में 9172 लोग इस वायरस से पीड़ित हैं जिसमें से 463 लोगों की मौत हो चुकी है. इटली में सिर्फ 724 लोग ठीक होकर घर गए हैं जब की 7985 लोगों का इलाज चल रहा है.


इटली के बाद साउथ कोरिया में 7513 केस सामने आए हैं जिनमें से 54 लोगों की मौत हो चुकी है. https://ak2907.blogspot.com/2020/03/blog-post_12.html कोरिया में 10 लाख लोगों पर 146 लोग इस वायरस का शिकार हुए हैं. चीन और इटली के बाद सबसे ज्यादा मौत ईरान में हुई है. ईरान में अब तक 237 लोगों की मौत हो चुकी है. ईरान में कुल मिलाकर 7161 लोग इस वायरस से संक्रमित हुए हैं. ईरान में 10 लाख पर 85 लोग कोरोना वायरस का शिकार हुए हैं. ट्रीटमेंट के मामले सबसे अच्छा काम सिंगापुर ने किया है. सिंगापुर में कुल मिलाकर 160 लोग इस वायरस की शिकार हुए हैं जिस में से 93 लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं. सिंगापुर में किसी की भी मौत नहीं हुई 

कोरोना वायरस की वजह से सबसे ज्यादा प्रभावित वृद्ध लोग हो रहे हैं. 80 साल से ज्यादा उम्र के लोग जो इस वायरस का शिकार हुए हैं उन में से 14.8 प्रतिशत लोगों की मौत हो गई है. 70 से 79 के उम्र के बीच Mortality रेट 8 प्रतिशत है, 60-69 के उम्र के बीच Mortality रेट 3.6 प्रतिशत है , 50 से 59 के बीच 1.3 प्रतिशत, 40 से 49 के बीच 0.4 प्रतिशत, 10 से 39 के बीच 0.2 प्रतिशत Mortality रेट है जबकि 0 से 9 के बीच अब किसी भी बच्चों की मौत नहीं हुई है. Confirmed केस में पुरुषों में मोर्टेलिटी रेट 4.7 प्रतिशत है जबकि महिलाओं में 2.8 प्रतिशत है. जो लोग हार्ट के पेशेंट हैं उनके अंदर मोर्टेलिटी रेट 13.2 प्रतिशत है,डायबेटिक्स रोगी के अंदर मोर्टेलिटी रेट 9.2 प्रतिशत है, हाइपरटेंशन रोगियों के बीच मोर्टेलिटी रेट 8.4 प्रतिशत है, कैंसर पीड़ित रोगियों के बीच मोर्टेलिटी रेट 7.6 प्रतिशत है.


कोरोना वायरस को इटली जैसे देश ने शुरुआत में गंभीरता से नहीं लिया, जिसकी वजह से वहां यह स्थिति पैदा हुई. 22 जनवरी को चीन में 571 लोग कोरोना वायरस का शिकार हुए थे. 10 फरवरी तक यह संख्या बढ़कर 42638 हो गई. 15 फरवरी तक 68500 पहुंच गई. 22 जनवरी से लेकर 15 फरवरी तक इटली ने कोरोना वायरस को रोकने के लिए कोई खास कदम नहीं उठाया. इटली में पहला केस 15 फरवरी को आया था. इस दिन 3 लोग कोरोना वायरस का शिकार हुए थे. फिर धीरे-धीरे यह संख्या बढ़ती चली गई. अब 9 मार्च तक यह संख्या 9172 पहुंच गई है. चीन के लोगों के लिए इटली लोकप्रिय पर्यटन स्थल है.



चीन के पर्यटकों ने 2019 में इटली में 718 मिलियन डॉलर खर्च किए हैं जो 2018 से 41 प्रतिशत से ज्यादा है. इससे आप अंदाज़ लगा सकते हैं कितने लोग चीन से इटली छुट्टी बिताने के लिए जाते हैं. चीन के लोगों के लिए इटली के उत्तरी Lombardy इलाका सबसे लोकप्रिय जगह है और आप को बता दें कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा केस इसी इलाके में हैं. इटली में जो 663 लोगों की मौत हुई है उनमें से 333 लोग सिर्फ Lombardy इलाके से हैं. इससे पता चलता है चीन के लोग जिस इलाके में सबसे ज्यादा गए हैं वहां यह वायरस तेजी से फैला. अगर इटली की सरकार फरवरी के महीने से चीन के पर्यटकों पर रोक लगा देती तो यह स्थिति उत्पन्न ही न होती. 


लोगों को क्या करना चाहिए : भारत मे कोरोना वायरस के वजह से 56 लोग संक्रमित हुए हैं. कोरोना वायरस को लेकर लोगों का सचेत होना बहुत जरूरी है. भारत में अभी तक ज्यादा केस नहीं है, लेकिन यह बीमारी बहुत तेजी से फैल रही है. इटली और ईरान की स्थिति देखकर डर लगने लगा है. लोगों को बहुत छोटी-छोटी चीजों पर ध्यान देना चाहिए. WHO का कहना है कि हाथ बार-बार धोना चाहिए, जिन लोगों को कोरोना वायरस हुआ है उन्हें चेहरे पर मास्क पहनना चाहिए. अगर कोई खांस या छींक रहा है उसे मास्क पहनना जरूरी है. मास्क को इस्तेमाल करने से पहले आपने हाथों को अच्छे से धो लें. मास्क को ऐसे पहने की वो नाक और मुंह बढ़िया से कवर करे. मास्क को बार-बार छूने की जरूरत नहीं. अगर मास्क छूना चाहते हैं तो हाथ साफ करके छुएं. कोशिश करें कि पास में दो-तीन मास्क हो. एक मास्क को बार-बार इस्तेमाल न हो. जब आप मास्क का उतार रहे हैं तो पीछे से उतारें, मास्क को आगे से न छुएं अगर छूं रहे हैं तो हाथ को बढ़िया से साफ करके छुएं. 


अगर ज्यादा इमरजेंसी नहीं है तो पब्लिक प्लेस का कम इस्तेमाल करें. जो लोग खांस या छींक रहे हैं उनसे कम से कम तीन फीट दूर रहें. हाथ को बार-बार साबुन से धोएं. अगर धो नहीं पा रहे हैं तो सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.content="https://ak2907.blogspot.com/2020/03/blog-post_12.html" property="og:url"> अगर हाथ साफ नहीं तो बार-बार नाक या मुंह को न छुएं. कोरोना वायरस पैसे से भी फैल सकता है. चीन में नोट के भी टेस्ट हो रहे हैं. अगर नोट में वायरस है तो उसे जला दिया जा रहा है या फिर साफ किया जा रहा है. साफ किए हुए नोट को सात दिनों तक रखा जाता है फिर इस्तेमाल के लिए बाहर भेजा जाता है. भारत में अभी तक नोट की जांच नहीं हो रही है न ही इतनी संख्या में लोग संक्रमित हुए हैं कि चिंता करनी चाहिए, लेकिन फिर भी आप अपनी तरफ से जितना हो सके एहतियात बर्ते 
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अगर आप बड़ी दुकान में जा रहे हैं तो डिजिटल पेमेंट करने की कोशिश कीजिए. कैश का लेने-देने कम कीजिए. जहां डिजिटल पेमेंट नहीं है Exact पैसा दीजिए ताकि आप को दुकानदार से कुछ लेना न पड़े. आप लोग सब्जी खरीदने जाते हैं, जो सब्जी और फल आप खरीदते हैं उस पर कई लोगों के हाथ लगाते हैं. हो सकता है कोई संक्रमित व्यक्ति सब्जी को छुआं हो. इसीलिए सब्जी और फल को घर लाने के बाद उसे बढ़िया से साफ कर लीजिए. सब्जी धोने के बाद आप-अपने हाथ भी बढ़िया से धोएं. फ्लोरिडा गल्फ कोस्ट यूनिवर्सिटी के Microbiologist फेलिसिया मिलर ने कहा कि फल और सब्जियों में भी कोरोना वायरस के कीटाणु हो सकते हैं क्योंकि उसे कई लोग छूते हैं.



अगर आप पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आप को सावधान रहने की जरूरत है. मास्क पहनकर सफर कीजिए. content="https://ak2907.blogspot.com/2020/03/blog-post_12.html" property="og:url">">जिस सीट पर आप बैठ रहे हैं उस सीट पर पहले से कई लोग बैठकर गए होंगे इसीलिए बाहर से आने के बाद अपने कपड़ो को साफ कीजिए. पब्लिक ट्रांसपोर्ट के अंदर अगर आप खड़े होकर जा रहे हैं तो बस के अंदर जो लोहे की रॉड है उसे आप पकड़ते हैं तो उसे पहले भी कई लोग उसे पकड़े होंगे, हो सकता है कोई संक्रमित रोगी भी उसे पकड़ा हो. इसलिए आप घर पहुंच कर हाथ बढ़िया से धोएं. डरने की जरूरत नहीं है. भारत मे अब यह बीमारी ज्यादा नहीं फैली है, लेकिन अपने-आप को सुरक्षित रखने की जरूरत है.


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