.स्वाद के साथ सेहत भी
बीन्स
आहार में प्रतिदिन अलग-अलग तरहह की बीन्स का सेवन करने से भी चर्बी घटती है. साथ ही इससे मांसपेशियां मजबूत होती हैं और पानक्रिया भी सही रहती है. बीन्स की खासियत ये है कि ये लंबे समय तक आपको हेवी फील करवाती है और ऐसी स्थिति में आप बाहर की दूसरी चीजें खाने से परहेज करते हैं. ये सोलबल फाइबर का सबसे अच्छा माध्यम होते हैं. फाइबर खासतौर पर बेली फैट पर असर डालता है.
आहार में प्रतिदिन अलग-अलग तरहह की बीन्स का सेवन करने से भी चर्बी घटती है. साथ ही इससे मांसपेशियां मजबूत होती हैं और पानक्रिया भी सही रहती है. बीन्स की खासियत ये है कि ये लंबे समय तक आपको हेवी फील करवाती है और ऐसी स्थिति में आप बाहर की दूसरी चीजें खाने से परहेज करते हैं. ये सोलबल फाइबर का सबसे अच्छा माध्यम होते हैं. फाइबर खासतौर पर बेली फैट पर असर डालता है.
. अजवाइन
अगर आपने वाकई ये फैसला कर लिया है कि आपको हर हाल में अपना या अपने जानने वाले की पेट की चर्बी कम करनी है तो अपनी डाइट में अजवाइन की पत्तियों को शामिल कर लीजिए. अजवाइन की पत्ती के सेवन से पेट की चर्बी कम होती है. बेहद कम कैलोरी, फाइबर युक्त, कैल्शियम और विटामिन सी का प्रमुख माध्यम होने की वजह से ये बेली फैट कम करने में एक असरकारक चीज है. खाने के पहले अजवाइन का पानी पीने से पाचन तंत्र सही रहता है.
. खीरा
गर्मियों में एक ओर जहां खीरा प्यास बुझाने और ताजगी के लिए खया जाता है वहीं इसके सेवन से बेली फैट को भी कम किया जा सकता है. इसमें 96 प्रतिशत तक पानी ही होता है. इसमें मिनरल्स, फाइबर और विटामिन भरपूर मात्रा में होते हैं. हर रोज एक प्लेट खीरा खाने से शरीर के अंदर बनने वाले कई विषाक्त पदार्थ खुद ही साफ हो जाते हैं.
. टमाटर
टमाटर में 9-oxo-ODA नामक एक यौगिक पाया जाता है. यह खून में लिपिड कम करने का काम करता है, जो कि बेली फैट कम करने में मददगार साबित होता है.
टमाटर में 9-oxo-ODA नामक एक यौगिक पाया जाता है. यह खून में लिपिड कम करने का काम करता है, जो कि बेली फैट कम करने में मददगार साबित होता है.

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