मुंबई के गोरेगांव में रहनेवाले शोभित रॉय ने अपने यहां आनेवाले समाचार पत्र की डिलीवरी 13 दिनों पहले ही कैंसल करवा दी थी.
लेकिन बुधवार को केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के घर पर भी अख़बार नहीं पहुंचा.
मीडिया इंडस्ट्री से संबंधित मंत्रालय के मुखिया, प्रकाश जावडेकर ने रिपोर्टरों से कहा, "मैंने अख़बार डिलीवर करनेवालों से वजह का पता किया कि ऐसा क्यों हुआ? इस तरह की अफ़वाहें हैं कि समाचार पत्र को छूने से कोरोना वायरस का फैलाव होता है."
विश्व भर में गिरते पाठकों की तादाद के दौरान भी बढ़त जारी रखनेवाले भारतीय समाचार पत्र उद्योग पर कोरोना की भारी मार पड़ी है.
कोलकाता के एक अख़बार डिस्ट्रीब्यूटर अमित गोस्वामी ने समाचार ऐजेंसी एएनआई से कहा है, "हमारी बिक्री 80 फ़ीसदी कम हो गई है."
इंडियन रीडरशिप सर्वे की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक़ देश में अख़बार के पाठकों की कुल संख्या 42 करोड़ 50 लाख है और समाचारपत्रों ने साल भर के अंदर तक़रीबन एक करोड़ से अधिक पाठकों को ख़ुद से जोड़ा है.
प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि कुछ हाउसिंग सोसाइटियों ने समाचारपत्र वितरकों के परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी है, "जो बहुत ग़लत है' और लोगों को ये याद रखना चाहिए कि 22 मार्च यानी रविवार को जनता कर्फ़्यू के दौरान उनसे तालियां बजाने का जो आग्रह किया गया था वो मेडिकल स्टाफ़ और मीडियाकर्मियों दोनों के लिए था."
No comments:
Post a Comment