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NTA UGC NET PAPER 1 IMPORTANT QUESTIONS
Friday, 31 July 2020
Last 2 decade (20 years) how human have been changed
Wednesday, 29 July 2020
NEW EDUCATION POLICY
कैबिनेट ने नई शिक्षा नीति (New Education Policy 2020) को हरी झंडी दे दी है. 34 साल बाद शिक्षा नीति में बदलाव किया गया है. HRD मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने कहा कि ये नीति एक महत्वपूर्ण रास्ता प्रशस्त करेगी. ये नए भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी. इस नीति पर देश के कोने कोने से राय ली गई है और इसमें सभी वर्गों के लोगों की राय को शामिल किया गया है. देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि इतने बडे़ स्तर पर सबकी राय ली गई है
अहम बदलाव
- नई शिक्षा नीति के तहत अब 5वीं तक के छात्रों को मातृ भाषा, स्थानीय भाषा और राष्ट्र भाषा में ही पढ़ाया जाएगा.
बाकी विषय चाहे वो अंग्रेजी ही क्यों न हो, एक सब्जेक्ट के तौर पर पढ़ाया जाएगा
- 9वींं से 12वींं क्लास तक सेमेस्टर में परीक्षा होगी. स्कूली शिक्षा को 5+3+3+4 फॉर्मूले के तहत पढ़ाया जाएगा
-वहीं कॉलेज की डिग्री 3 और 4 साल की होगी. यानि कि ग्रेजुएशन के पहले साल पर सर्टिफिकेट, दूसरे साल पर डिप्लोमा, तीसरे साल में डिग्री मिलेगी
3 साल की डिग्री उन छात्रों के लिए है जिन्हें हायर एजुकेशन नहीं लेना है. वहीं हायर एजुकेशन करने वाले छात्रों को 4 साल की डिग्री करनी होगी. 4 साल की डिग्री करने वाले स्टूडेंट्स एक साल में MA कर सकेंगे.
- अब स्टूडेंट्स को MPhil नहीं करना होगा. बल्कि MA के छात्र अब सीधे PHD कर सकेंगे.
स्टूडेंट्स बीच में कर सकेंगे दूसरे कोर्स
हायर एजुकेशन में 2035 तक ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो 50 फीसदी हो जाएगा. वहीं नई शिक्षा नीति के तहत कोई छात्र एक कोर्स के बीच में अगर कोई दूसरा कोर्स करना चाहे तो पहले कोर्स से सीमित समय के लिए ब्रेक लेकर वो दूसरा कोर्स कर सकता है.
हायर एजुकेशन में भी कई सुधार किए गए हैं. सुधारों में ग्रेडेड अकेडमिक, ऐडमिनिस्ट्रेटिव और फाइनेंशियल ऑटोनॉमी आदि शामिल हैं. इसके अलावा क्षेत्रीय भाषाओं में ई-कोर्स शुरू किए जाएंगे. वर्चुअल लैब्स विकसित किए जाएंगे. एक नैशनल एजुकेशनल साइंटफिक फोरम (NETF) शुरू किया जाएगा. बता दें कि देश में 45 हजार कॉलेज हैं.
Saturday, 4 July 2020
Friday, 19 June 2020
Medicine for corona discovered
कोरोना वायरस से अब तक दुनियाभर में 4.56 लाख लोगों की मौत हो चुकी है। भारत में भी कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में कोरोना से जूझ रही दुनिया के लिए एक दवा उम्मीद बनकर नजर आ रही है। यह डेक्सामेथासोन (dexamethasone) दवा है। भारत में इस दवा का इस्तेमाल करीब 60 सालों से हो रहा है। यह दवा भारत में 20 कंपनियां बनाती हैं। यह यहां से 107 देशों में निर्यात की जाती है। इस दवा की 10 गोलियां सिर्फ 3 रुपए में आती हैं।
Wednesday, 3 June 2020
Kisan kahin aur kabhi bhi bech sakta h apni fasal
Thursday, 7 May 2020
भारत में हुए शामिल पाकिस्तान के बड़े हिस्से
नई दिल्ली
भारत ने पाकिस्तान को साफ-साफ समझा दिया है कि गिलगित-बाल्टिस्तान उसका अभिन्न अंग है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जम्मू-कश्मीर सब-डिविजन को अब 'जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद' कहना शुरू कर दिया है। गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद, दोनों पर पाकिस्तान ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। मंगलवार को IMD ने नॉर्थवेस्ट इंडिया के लिए जो अनुमान जारी किए, उसमें गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद को भी शामिल किया गया है।
भारत ने 4 मई को कहा था कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जिसमें गिलगित-बाल्टिस्तान (Gilgit-Baltistan) भी शामिल हैं, वह उसका अभिन्न अंग है। अब भारतीय मौसम विभाग ने अपने बुलेटिन में इसे शामिल कर लिया है।
भारत के नए मैप में है PoK
जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख के अलग केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद भारत सरकार ने जो नया मानचित्र जारी किया, उसमें पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के हिस्सों को कश्मीर क्षेत्र में दर्शाया गया था। इसमें PoK के तीन जिलों मुजफ्फराबाद, पंच और मीरपुर को शामिल किया गया था।
भारत विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के वरिष्ठ राजनयिक को आपत्ति पत्र भी जारी किया था। बयान के मुताबिक, तथाकथित गिलगित-बाल्टिस्तान पर पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पाकिस्तान के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है।' बयान में कहा गया, 'यह स्पष्ट रूप से बता दिया गया है कि केंद्र शासित प्रदेश पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जिसमें गिलगित-बाल्टिस्तान भी शामिल हैं, वह पूरी तरह से कानूनी और अपरिवर्तनीय विलय के तहत भारत का अभिन्न अंग हैं।' विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तानी सरकार या उसकी न्यायपालिका को उन क्षेत्रों पर हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं हैं जो उसने 'अवैध तरीके से और जबरन कब्जाए' हुए हैं।
क्यों अहम है IMD का ये कदम?
IMD की ओर से अपने बुलेटिन में गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद को जगह देना बड़ा अहम है। IMD के डायरेक्टर-जनरल मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि 'IMD पूरे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए वेदर बुलेटिन जारी करता रहा है। हम बुलेटिन में गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद का जिक्र इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वह भारत का हिस्सा है।' इसी महीने की शुरुआत में भारत ने साफ कहा था कि पाकिस्तान का इन इलाकों पर कोई हक नहीं है। दरअसल वहां की सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तान सरकार को गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव कराने के आदेश दिए थे। भारत ने इसपर कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि पाकिस्तान को वहां पर दखल देने का कोई हक नहीं है।
Tuesday, 5 May 2020
ये दवाइयां हैं कोरोना का काल
ये दवाइयां हैं कोरोना का काल
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Friday, 1 May 2020
LOCKDOWN 3.0
Wednesday, 22 April 2020
Tuesday, 21 April 2020
भगवान का दर्शन करने के पूर्व प्रातःकाल जागते ही सबसे पहले दोनों हाथों की हथेलियों के दर्शन का विधान बताया गया है। आपका दिन शुभ और सफल हो इसके लिए हथेली और उसके बाद भगवान का दर्शन करें।
यह मंत्र पढ़ें : हाथों की हथेली का दर्शन करके यह मंत्र पढ़ना चाहिए- कराग्रे वसति लक्ष्मीः, कर मध्ये सरस्वती। करमूले तू ब्राह्म, प्रभाते कर दर्शनम्।।...(कहीं-कहीं 'ब्रह्म' के स्थान पर 'गोविन्दः या 'ब्रह्मां' का प्रयोग किया जाता है।)
भावार्थ : हथेलियों के अग्रभाग में भगवती लक्ष्मी, मध्य भाग में विद्यादात्री सरस्वती और मूल भाग में भगवान गोविन्द (ब्रह्मा) का निवास है। मैं अपनी हथेलियों में इनका दर्शन करता हूं।
यह मंत्र उच्चारित कर हथेलियों को परस्पर घर्षण करके उन्हें अपने चेहरे पर लगाना चाहिए।
Saturday, 18 April 2020
इतिहास की महत्वपूर्ण जानकारी
तिरंगे से रंगा matterhorn पहाड़
संकट की घड़ी में साथ देने के लिए स्विट्जरलैंड ने आलप्स के मैटरहॉर्न पर्वत को तिरंगे से कवर किया
14,690 फुट ऊंचे पर्वत को तिरंगे के रंग से रोशन करने का काम किया है स्विट्जरलैंड के लाइट आर्टिस्ट गैरी हॉपस्टेटर ने। भारतीय विदेश सेवा की अधिकारी और विश्व व्यापार संगठन में भारत की सेकंड सेक्रटरी गुरलीन कौर ने ट्वीट किया, ‘ स्विट्जरलैंड ने दिखाया है कि वह कोविड19 से लड़ने में भारत के साथ खड़ा है। प्रति हिमालस से आल्पस तक दोस्ती। जरमैट टूरिजम आपका आभार।’
‘स्टे होम’ का संदेश भी दे चुका है पर्वत
इटली-स्विट्जरलैंड की सीमा पर मौजूद 4478 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद इस पर्वत के जरिये गैरी पहले भी ‘स्टे होम’ का संदेश दे चुके हैं। स्विट्जरलैंड में 19 अप्रैल को लॉकडाउन समाप्त हो रहा है। गैरी का लक्ष्य इस अवधि तक देश की इमारतों, स्मारकों और पर्वत के जरिये लोगों को कोरोना से लड़ने का संदेश देना है। इसी के तहत उन्होंने तिरंगे को पर्वत पर जगह दी।












