NTA UGC NET PAPER 1 IMPORTANT QUESTIONS

https://youtu.be/HaFfqCHHYTM

Wednesday, 3 June 2020

Kisan kahin aur kabhi bhi bech sakta h apni fasal

आखिरकार किसानों के लिए वो खबर आ ही कई जिसका वे बरसों से इंतजार कर रहे थे. केंद्र सरकार ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें मजबूती प्रदान करने वाले प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. केंद्र सरकार ने मंडियों और इंस्पेक्टर राज को हटाने वाले कानून को लागू कर दिया है. अब देश का किसान भी अमीर बनेगा. उसे अपने अनाज को कहीं भी बेचने की आजादी होगी.



'वन नेशन, वन एग्री मार्केट' कानून को मिली मंजूरी
किसानों के लिए 'वन नेशन, वन एग्री मार्केट' (One Nation – One Agri Market) का मार्ग प्रशस्त करते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को अधिसूचित एपीएमसी मंडियों के बाहर बाधा मुक्त व्यापार की अनुमति देने वाले अध्यादेश को मंजूरी दे दी.  बताते चलें कि कृषि उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अध्यादेश, 2020 (The Farming Produce Trade and Commerce (Promotion and Facilitation) Ordinance), राज्य सरकारों को मंडियों के बाहर किए गए कृषि उपज की बिक्री और खरीद पर कर लगाने से रोकता है और किसानों को लाभकारी मूल्य पर अपनी उपज बेचने की स्वतंत्रता देता है.


मंत्रिमंडल के फैसले की घोषणा करते हुए, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, 'मौजूदा एपीएमसी मंडियां काम करना जारी रखेंगी. राज्य एपीएमसी कानून बना रहेगा. लेकिन मंडियों के बाहर, अध्यादेश लागू होगा.' उन्होंने कहा कि अध्यादेश मूल रूप से एपीएमसी मार्केट यार्ड के बाहर अतिरिक्त व्यापारिक अवसर पैदा करने के लिए है ताकि अतिरिक्त प्रतिस्पर्धा के कारण किसानों को लाभकारी मूल्य मिल सके.



उन्होंने कहा कि पैन कार्ड वाले किसी भी किसान से लेकर कंपनियां, प्रोसेसर और एफपीओ अधिसूचित मंडियों के परिसर के बाहर बेच सकते हैं. खरीदारों को तुरंत या तीन दिनों के भीतर किसानों को भुगतान करना होगा और माल की डिलीवरी के बाद एक रसीद प्रदान करनी होगी. उन्होंने कहा कि मंडियों के बाहर व्यापार करने के लिए कोई 'इंस्पेक्टर राज' नहीं होगा. मंत्री ने कहा कि मंडियों के बाहर बाधा रहित व्यापार करने में कोई कानूनी बाधा नहीं आएगी.


बताते चलें कि मौजूदा समय में, किसानों को पूरे देश में फैली 6,900 एपीएमसी (कृषि उपज विपणन समितियों) मंडियों में अपनी कृषि उपज बेचने की अनुमति है. मंडियों के बाहर कृषि उपज बेचने में किसानों के लिए प्रतिबंध हैं

Thursday, 7 May 2020

भारत में हुए शामिल पाकिस्तान के बड़े हिस्से



नई दिल्‍ली
भारत ने पाकिस्‍तान को साफ-साफ समझा दिया है कि गिलगित-बाल्टिस्‍तान उसका अभिन्‍न अंग है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जम्‍मू-कश्‍मीर सब-डिविजन को अब 'जम्‍मू और कश्‍मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्‍तान और मुजफ्फराबाद' कहना शुरू कर दिया है। गिलगित-बाल्टिस्‍तान और मुजफ्फराबाद, दोनों पर पाकिस्‍तान ने अवैध रूप से कब्‍जा कर रखा है। मंगलवार को IMD ने नॉर्थवेस्‍ट इंडिया के लिए जो अनुमान जारी किए, उसमें गिलगित-बाल्टिस्‍तान और मुजफ्फराबाद को भी शामिल किया गया है।







भारत ने 4 मई को कहा था कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जिसमें गिलगित-बाल्टिस्तान (Gilgit-Baltistan) भी शामिल हैं, वह उसका अभिन्‍न अंग है। अब भारतीय मौसम विभाग ने अपने बुलेटिन में इसे शामिल कर लिया है।







भारत के नए मैप में है PoK
जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख के अलग केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद भारत सरकार ने जो नया मानचित्र जारी किया, उसमें पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के हिस्सों को कश्मीर क्षेत्र में दर्शाया गया था। इसमें PoK के तीन जिलों मुजफ्फराबाद, पंच और मीरपुर को शामिल किया गया था।


 भारत विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के वरिष्ठ राजनयिक को आपत्ति पत्र भी जारी किया था। बयान के मुताबिक, तथाकथित गिलगित-बाल्टिस्तान पर पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पाकिस्तान के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है।' बयान में कहा गया, 'यह स्पष्ट रूप से बता दिया गया है कि केंद्र शासित प्रदेश पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जिसमें गिलगित-बाल्टिस्तान भी शामिल हैं, वह पूरी तरह से कानूनी और अपरिवर्तनीय विलय के तहत भारत का अभिन्न अंग हैं।' विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तानी सरकार या उसकी न्यायपालिका को उन क्षेत्रों पर हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं हैं जो उसने 'अवैध तरीके से और जबरन कब्जाए' हुए हैं।




क्‍यों अहम है IMD का ये कदम?
IMD की ओर से अपने बुलेटिन में गिलगित-बाल्टिस्‍तान और मुजफ्फराबाद को जगह देना बड़ा अहम है। IMD के डायरेक्‍टर-जनरल मृत्‍युंजय महापात्रा ने कहा कि 'IMD पूरे जम्‍मू-कश्‍मीर और लद्दाख के लिए वेदर बुलेटिन जारी करता रहा है। हम बुलेटिन में गिलगित-बाल्टिस्‍तान, मुजफ्फराबाद का जिक्र इसलिए कर रहे हैं क्‍योंकि वह भारत का हिस्‍सा है।' इसी महीने की शुरुआत में भारत ने साफ कहा था कि पाकिस्‍तान का इन इलाकों पर कोई हक नहीं है। दरअसल वहां की सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्‍तान सरकार को गिलगित-बाल्टिस्‍तान में चुनाव कराने के आदेश दिए थे। भारत ने इसपर कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि पाकिस्‍तान को वहां पर दखल देने का कोई हक नहीं है।

भारत मे शामिल होंगे पाकिस्तान के ये हिस्से


Tuesday, 5 May 2020

ये दवाइयां हैं कोरोना का काल

ये दवाइयां हैं कोरोना का काल 

Corona treatment 
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**गुजरात के आदिवासियों के अनुसार यदि गेंदा के फ़ूलों को सुखा लिया जाए और इसके बीजों को एकत्र कर मिश्री के दानों के साथ समान मात्रा (5 ग्राम प्रत्येक) का सेवन तीन दिन तक किया जाए तो जिन्हें दमा और खांसी की शिकायत है, उन्हें काफ़ी फ़ायदा होता है।
लगभग 50 ग्राम अंगूर का रस गर्म करके स्वास या दमा के रोगी को पिलाया जाए तो सांस लेने की गति सामान्य हो जाती है।




*** दमा में फायदेमंद अनंतमूल की जड़ें
दमा के रोगी यदि अनंतमूल की जड़ों और अडूसा के पत्तियों की समान मात्रा (3-3 ग्राम) लेकर दूध में उबालकर लें तो फ़ायदा होता है, ऐसा कम से कम एक सप्ताह तक किया जाना जरूरी है।




**** गर्म पानी में तुलसी के 5 से 10 पत्ते मिलाएं और सेवन करें, यह सांस लेना आसान करता है। इसी प्रकार तुलसी का रस, अदरक रस और शहद का समान मिश्रण प्रतिदिन एक चम्मच के हिसाब से लेना अस्थमा पीड़ित लोगों के लिए अच्छा होता है।




***** अडूसा की पत्तियों के रस को शहद में मिलाकर रोगी को दिया जाता है जिससे अस्थमा में अतिशीघ्र आराम मिलता है। पातालकोट के आदिवासी टीबी के मरीजों को अडूसा की पत्तियों का काढ़ा बनाकर 100 मिली रोज पीने की सलाह देते हैं, दरअसल अडूसा शरीर में जाकर फेफड़ों में जमी कफ और गंदगी को बाहर निकालता है।




******ठंड में अस्थमा के रोगी को यदि अजवायन के बीज और लौंग की समान मात्रा का 5 ग्राम चूर्ण प्रतिदिन दिया जाए तो काफी फ़ायदा होता है। यदि बीजों को भूनकर एक सूती कपड़े मे लपेट लिया जाए और रात तकिये के नजदीक रखा जाए तो दमा, सर्दी, खांसी के रोगियों को रात को नींद में सांस लेने मे तकलीफ़ नहीं होती है।




******* हमारी रसोई में सब्जियों के साथ उपयोग में लाया जाने वाला लहसुन सिर्फ एक मसाला नहीं लेकिन औषधीय गुणों का एक ख़ज़ाना भी है। लहसुन के एण्टीबैक्टिरियल गुणों को आधुनिक विज्ञान भी मानता है, लहसुन का सेवन बैक्टिरिया जनित रोगों, दस्त, घावों, सर्दी-खांसी और बुखार आदि में बहुत फायदा करता है। लहसुन की 2 कच्ची कलियां सुबह खाली पेट चबाने के बाद आधे घण्टे से मुलेठी नामक जड़ी-बूटी का आधा चम्मच सेवन दो महीने तक लगातार करने से ठंड के दौरान आक्रमक होने वाली दमा जैसी घातक बीमारी में बेहद राहत मिलती है सदैव की छुट्टी मिल जाती है।

Friday, 1 May 2020

LOCKDOWN 3.0


 

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के अनुसार, देश में रेड जोन के तहत 130 जिले, ऑरेंज जोन के तहत 284 जिले और ग्रीन जोन के तहत 319 जिलों को रखा गया है। हर सप्‍ताह इसका आकलन किया जाएगा और संक्रमित मामलों के अनुसार जोन में बदलाव होगा।    ग्रीन जोनों में किन-किन चीजों की मिलेगी छूट
देशभर को रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोनों में बांटा जा रहा है। ग्रीन जोन में सभी बड़ी आर्थिक गतिविधियों की छूट दे दी गई है। गृह मंत्रालय के ताजा आदेश के मुताबिक, ग्रीन जोनों में बसें चल सकेंगी, लेकिन बसों की क्षमता 50 फीसद से ज्यादा नहीं होगी। इसी तरह बस डिपो में भी 50 फीसद से ज्यादा कर्मचारी काम नहीं करेंगे। देश के ग्रीन जोन के जिलों में नाई की दुकानें, सैलून समेत अन्य जरूरी सेवाओं और वस्तुएं मुहैया कराने वाले संस्थान भी 4 मई से खुल जाएंगे। सिनेमा हॉल, मॉल, जिम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स आदि बंद रहेंगे।
ऑरेंज जोन में कैब की अनुमति 
ऑरेंज जोन में बसों के परिचालन की छूट नहीं होगी, लेकिन कैब की अनुमति होगी। कैब में ड्राइवर के साथ एक ही पैसेंजर हो सकता है। ऑरेंज जोन में औद्योगिक शुरू होगी और कॉम्प्लेक्स भी खुलेंगे। रेड जोन में नाई की दुकानें, सैलून आदि बंद रहेंगे। इस बारे में विस्तृत जानकारी गृह मंत्रालय की तरफ से दी जाएगी।
देश के 129 जिले रेड जोन में, दिल्ली और अहमदाबाद रेड जोन में 
देश में 130 जिले रेड जोन्स में हैं यानी वहां कोरोना वायरस के हॉटस्पॉट्स हैं। पूरी दिल्ली रेड जोन में है। मअहमदाबाद,सूरत जैसे बड़े औद्योगिक केंद्र भी रेड जोन्स में हैं, जहां कोई  रियायत नहीं मिलेगी।
देश के 319 जिले ग्रीन जोन में 
देश में कुल 739 जिले हैं, जिनमें से 307 अब भी कोरोना से अछूते हैं यानी 40 प्रतिशत से भी ज्यादा। ये 319 जिले ग्रीन जोंस हैं। 3 मई के बाद इन जिलों में फैक्ट्रियों, दुकानों, छोटे-मोटे उद्योगों समेत परिवहन और अन्य सेवाओं को भी शर्तों के साथ पूरी तरह खोलने की अनुमति दे दी गई है। गौरतलब है कि जिन जिलों में पिछले 21 दिनों से कोरोना वायरस के संक्रमण का एक भी मामला नहीं आता है, उन्हें ग्रीन जोन घोषित कर दिया जाता है। पहले यह अवधि 28 दिनों की थी जिसे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने घटाकर 21 दिन कर दी।
मुख्‍यमंत्रियों की बैठक में पीएम ने दिए थे संकेत 
दरअसल, पिछले सोमवार को पीएम नरेंद्र मोदी की मुख्‍यमंत्रियों के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में ज्‍यादातर मुख्‍यमंत्रियों ने लॉकडाउन बढ़ाने की मांग की थी। इस दौरान पीएम मोदी ने राज्यों के लिए हॉटस्पॉट्स यानी रेड जोन क्षेत्रों में सख्ती से दिशा- निर्देश लागू करने के महत्व पर प्रकाश डाला था। उन्होंने कहा कि रेड जोन को नारंगी में बदलने और उसके बाद हरे क्षेत्रों में परिवर्तित करने के लिए राज्यों को निर्देशित किया जाना चाहिए। 
सरकार ने फंसे हुए छात्रों, प्रवासी श्रमिकों, पर्यटकों, तीर्थयात्रियों आदि को स्‍पेशल ट्रेन से आवाजाही की अनुमति दी है। इसके तहत आज छह स्‍पेशल ट्रेन चलाने की अनुमति दी गई है। आगे भी रेल मंत्रालय और राज्‍यों के अनुरोध पर एक स्‍थान से दूसरे स्‍थान के लिए ट्रेन चलाई जा सकती है लेकिन सामान्‍य तौर पर ट्रेनों की आवाजाही बंद रहेगी।गौरतलब है कि पिछले 24 घंटे में भारत में 1,993 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं, जिससे कुल मामले 35,043 हो गई है, इसमें से 25,007 मामले सक्रिय हैं। 24 घंटे में लगभग 600 लोग ठीक भी हुए। देश में रिकवरी रेट 25 फीसद से अधिक होने के बाद भी कोराना वायरस के मरीजों की संख्‍या लगातार बढ़ रही है। यही कारण है कि देश में सावधानी बरती जा रही है।

Tuesday, 21 April 2020





प्रातः काल उठते ही सर्व प्रथम क्या करना चाहिए इसके लिए हिंदू धर्म में बहुत कुछ बताया गया है यहां उठते ही सर्वप्रथम क्या करना चाहिए इसकी जानकारी प्रस्तुत है। सबसे पहले अपने घर में सोने के स्थान पर भगवान का सुंदर सा फोटो लगाएं ताकि उठते ही सबसे पहले वहीं नजर आएं।
उठते ही हमारी आंखें नींद से भरी होती हैं। ऐसे में यदि दूर की वस्तु या रोशनी हमारी दृष्टि पर पड़ेगी तो आंखों पर कुप्रभाव पड़ेगा। इसलिए जरूरी है की उठते ही हम भगवान के चित्र का दर्शन करें। प्रातः दिखने वाली आकृति का दिन में प्रभाव अवश्य होता है।





भगवान का दर्शन करने के पूर्व प्रातःकाल जागते ही सबसे पहले दोनों हाथों की हथेलियों के दर्शन का विधान बताया गया है। आपका दिन शुभ और सफल हो इसके लिए हथेली और उसके बाद भगवान का दर्शन करें।



यह मंत्र पढ़ें : हाथों की हथेली का दर्शन करके यह मंत्र पढ़ना चाहिए- कराग्रे वसति लक्ष्मीः, कर मध्ये सरस्वती। करमूले तू ब्राह्म, प्रभाते कर दर्शनम्‌‌।।...(कहीं-कहीं 'ब्रह्म' के स्थान पर 'गोविन्दः या 'ब्रह्मां' का प्रयोग किया जाता है।)
भावार्थ : हथेलियों के अग्रभाग में भगवती लक्ष्मी, मध्य भाग में विद्यादात्री सरस्वती और मूल भाग में भगवान गोविन्द (ब्रह्मा) का निवास है। मैं अपनी हथेलियों में इनका दर्शन करता हूं।
यह मंत्र उच्चारित कर हथेलियों को परस्पर घर्षण करके उन्हें अपने चेहरे पर लगाना चाहिए।

Saturday, 18 April 2020

इतिहास की महत्वपूर्ण जानकारी

इतिहास की महत्वपूर्ण जानकारी 


1.सबसे पुरानी सभ्यता सिंधु सभ्यता है।इसे हड़प्पा सभ्यता के नाम से भी जाना जाता है।
2.सिंधु सभ्यता के लोग भारत के मूलनिवासी कहलाते थे।। 3.प्राचीन नगर हड़प्पा तथा मोहनजोदड़ो का पता जॉन ब्रंटन तथा विलियम ब्रंटन ने लगाया था।
4. सिंधु सभ्यता एक नागरिक सभ्यता थी।
5.सिंधु सभ्यता के लोग ईटों का प्रयोग करते थे।
6. लोथल सिंधु सभ्यता का एक प्रमुख बंदरगाह है जो गुजरात शहर में स्थित है। 7. मोहनजोदड़ो में सबसे बड़ा भवन धानयागार था।

8. ग्रेट बाथ मोहनजोदड़ो में स्थित है।
9. काषय की बनी नर्तकी मूर्ति मोहनजोदड़ो से प्राप्त हुई थी।
10. सिंधु अर्थव्यवस्था की ताकत कृषि तथा पशुपालन था। 11. हड़प्पा सभ्यता से अभी तक लोहे की प्राप्ति नहीं हुई थी।
12. भारत में सबसे पहले ईरान के लोग प्रवेश किए थे जिन्हें आर्यांश कहा गया।
13. आर्यांश समाज ने वैदिक सभ्यता की स्थापना की थी।
14. वैदिक सभ्यता एक ग्रामीण की सभ्यता थी।
15. वैदिक सभ्यता में लोहे की खोज हो चुकी थी। घोड़ा यहां का महत्वपूर्ण पशु था।
16. हाथी का सबसे पहले उपयोग मगध राज्य ने किया था।
17. अशोक ने 16 महाजनपदों पर कब्जा किया था।
18. हर्यक वंश के संस्थापक बिंबिसार है।
19. बिंबिसार की मृत्यु उसके पुत्र अजातशत्रु ने की थी। 20. अजातशत्रु की मृत्यु उदायिन ने की थी। 21. पाटलिपुत्र नगर की स्थापना बिंबिसार किया था।
22. महापद्मानंद नंद वंश के संस्थापक थे।
23. नंद वंश के अंतिम शासक धनानंद थे।
24. चंद्रगुप्त मोर्य मोर्य वंश के संस्थापक थे।
25. चंद्रगुप्त मौर्य के गुरु का नाम चाणक्य था। 26.चाणक्य का वास्तविक नाम विष्णु गुप्त कौटिल्य था।
27. चाणक्य ने अर्थशास्त्र नामक पुस्तक लिखी थी।
28. मौर्य वंश का प्रचलित मुद्रा पन था।
29. चंद्रगुप्त मौर्य के शासन काल में सिकंदर सेल्यूकस निकेटर ने आक्रमण किया था।
30. सेल्यूकस निकेटर के राजपूत का नाम मेगास्थनीज था।
31. मेगास्थनीज इंडिका नामक पुस्तक लिखी थी।
32. सेल्यूकस निकेटर की पुत्री कार्नेलिया के साथ चंद्रगुप्त मौर्य ने विवाह की थी। इसने भारत के 8 महाजनपदो पर कब्जा किया था।
33. इसके बाद बिंदुसार अगला शासक बना था।

तो दोस्तों प्रश्न कैसा लगा अच्छा लगा हो तो कमेंट करें लाइक करें और शेयर करें।

तिरंगे से रंगा matterhorn पहाड़


संकट की घड़ी में साथ देने के लिए स्‍विट्जरलैंड ने आलप्स के मैटरहॉर्न पर्वत को तिरंगे से कवर किया






कोरोना वायरस से निपटने में भारत की तैयारियों की WHO सहित कई देशों ने तारीफ की है। और अब इस कड़ी में स्विट्जरलैंड भी जुड़ गया है जहां स्विस आलप्स के मैटरहॉर्न पर्वत को रोशनी की मदद से तिरंगे से कवर कर दिया गया।


भारत के लिए इस सम्मान की वजह यह भी है कि संकट की घड़ी में भारत ने एशिया हो या अफ्रीका, यूरोप या अमेरिका हर देश की मदद की है। पीएम मोदी ने तिरंगे के रंग से नहाए पर्वत की तस्वीर खुद रीट्वीट की है और कहा कि दुनिया कोविड19 के खिलाफ एकजुट होकर लड़ रही है। महामारी पर निश्चित रूप से मानवता की जीत होगी







लाइट आर्टिस्ट गैरी ने दिखाई भारत-स्विट्जरलैंड की दोस्ती


14,690 फुट ऊंचे पर्वत को तिरंगे के रंग से रोशन करने का काम किया है स्विट्जरलैंड के लाइट आर्टिस्ट गैरी हॉपस्टेटर ने। भारतीय विदेश सेवा की अधिकारी और विश्व व्यापार संगठन में भारत की सेकंड सेक्रटरी गुरलीन कौर ने ट्वीट किया, ‘ स्विट्जरलैंड ने दिखाया है कि वह कोविड19 से लड़ने में भारत के साथ खड़ा है। प्रति हिमालस से आल्पस तक दोस्ती। जरमैट टूरिजम आपका आभार।’


‘स्टे होम’ का संदेश भी दे चुका है पर्वत




इटली-स्विट्जरलैंड की सीमा पर मौजूद 4478 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद इस पर्वत के जरिये गैरी पहले भी ‘स्टे होम’ का संदेश दे चुके हैं। स्विट्जरलैंड में 19 अप्रैल को लॉकडाउन समाप्त हो रहा है। गैरी का लक्ष्य इस अवधि तक देश की इमारतों, स्मारकों और पर्वत के जरिये लोगों को कोरोना से लड़ने का संदेश देना है। इसी के तहत उन्होंने तिरंगे को पर्वत पर जगह दी।

अन्नपूर्णा जन्मोत्सव

अन्नपूर्णा जन्मोत्सव 



अन्नपूर्णा जयंती

'अन्नपूर्णा जयंती' हिन्दू कैलेंडर के अनुसार मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा को मनाई जाती है। यह माता अन्नपूर्णा का जन्मदिवस है। अन्नपूर्णा जयंती, भारतीय संस्कृति में मान्य प्रमुख जयंतियों में से एक है। हिन्दू धर्म में इस जयंती का विशेष महत्त्व है।

ऐसी मान्यता है कि प्राचीन काल में एक बार जब पृथ्वी पर अन्न की कमी हो गयी थी, तब माता पार्वती ने अन्न की देवी, ‘माता अन्नपूर्णा’ के रूप में अवतरित हो पृथ्वी लोक पर अन्न उपलब्ध कराकर समस्त मानव जाति की रक्षा की थी। जिस दिन माता अन्नपूर्णा की उत्पत्ति हुई, वह मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा थी। इसी कारण मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन ‘अन्नपूर्णा जयंती’ मनाई जाती है।

माता अन्नपूर्णा अन्न की देवी हैं। यह माना जाता है कि इस दिन रसोई, चूल्हे, गैस आदि का पूजन करने से घर में कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होती और अन्नपूर्णा देवी की कृपा सदा बनी रहती है। अन्नपूर्णा जयंती के दिन माता पार्वती के 'अन्नपूर्णा' रूप की पूजा की जाती है। इस दिन दान-पुण्य करने का विशेष महत्त्व है।

अन्नपूर्णा जयंती, अन्न के महत्त्व का ज्ञान कराती है। यह संदेश देती है कि हमें कभी भी अन्न का निरादर नहीं करना चाहिए और न ही उसे व्यर्थ करना चाहिए। इस दिन लोग अन्न दान करते हैं। अन्नपूर्णा जयंती के अवसर पर जगह-जगह भंडारे का भी आयोजन किया जाता है। 

Thursday, 16 April 2020

paise kamaane ke trike earn money tricks

घर बैठे पैसे कमायें   EARN MONEY AT HOME this is best





आज हम आपको इस Article में Internet से पैसे कैसे कमाए, Internet से पैसे कमाने के ऐसे आसानी तरीके बताने जा जिससे आप Internet चलाने के साथ-साथ पैसे भी कमा सकते है। Friends जैसा हम सभी जानते है कि आज दुनिया जो Internet का युग कहा जाता है।

वो इसलिए जबसे दुनिया मे Internet का आगमन हुआ है तब से Human Life में काफी Changes आयें है। सबसे बड़ा change यह है कि कोई भी बड़ा काम अब आसानी से कुछ ही seconds में किया जा सकता है। Online Shopping से Bijli BILl आज Internet की मदद से घर बैठे ही हो जाता हैं। ये तो सभी जानते है कि Internet के आने से हमारे काम बहुत आसान हो गए है। लेकिन आपको बता दे कि Internet पैसे कमाना आज बेहद आसान हो गया है।

शायद आपको सुनते ही थोड़ा अजीब लगे लेकिन ये सच है। internet की मदद से आप महीनों लाखों रुपये कमा सकते है। दुनिया भर में कितने लोग है जो Internet को अपनी Income का जरिया बना चुके है। जी हाँ आज हजारों लाखों लोग Internet से YouTube, Blogging Etc. से लाखों रुपये कमाते है। अब Internet के बारे में इतना सब कुछ पड़ने के बाद आपके मन मे भी Internet से पैसे कैसे कमाए ऐसा विचार ज़रूर आया होगा।

और Basically अब आप।इसके बारे में Detail में जानना चाहेंगे। तो चलिये Internet से पैसे कैसे कमाए या फिर Internet से पैसे कमाने के तरीकों के बारे में जानते है यदि आप Internet में अच्छी Earning करना चाहते है तो इस Article को अंत पढ़े और हमे Follow करे.




घर बैठे पैसा कमाने का तरीका /Ghar Baithe Paisa Kamane ka Tarika 1

अगर आपको लिखने के शौक के साथ किसी खास चीज या विषय पर अच्छी समझ और पकड़ है यानि एक्सपर्ट हैं, तो ऐसे में घर बैठकर पैसा कमाने में सोशल मीडिया पर ब्लॉगिंग करना एक अच्छा ऑप्शन रहेगा। अगर आप अपनी पसंद के टॉपिक्स और विषय पर लिखेगें, तो इससे आपको लिखने के लिए कंटेट में कभी भी ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। जबकि अन्य विषयों पर लिखने पर कुछ समय बाद कंटेट की शॉर्टेज हो सकती है।

घर बैठे पैसा कमाने का तरीका /Ghar Baithe Paisa Kamane ka Tarika 2

अगर आपको डांस करने, पेटिंग करने या गाना गाने का शौक है, तो आप अपनी हॉबीज़ को भी घर बैठे अपना कमाई का ऑप्शन बना सकते हैं। इसके लिए आपको सिर्फ एक रुम की जरूरत पड़ेगी। जिसमें आप क्लासेस लगा सकें। ऐसा करने से आप अपनी हॉबी को इंज्वॉय करने के साथ उससे अर्निंग भी कर पायेगें।

घर बैठे पैसा कमाने का तरीका /Ghar Baithe Paisa Kamane ka Tarika 3

आज के दौर में तेजी से ऑनलाइन सर्वे की डिमांड बढ़ रही है। क्योंकि कंपनियां अपने यूजर्स को किसी प्रोडक्ट या सर्विस के बारे में फीडबैक और इनपुट प्रोवाइड करवाने का काम करती हैं। ये एक अकेला ऐसा तरीका है जिसमें आपको किसी भी तरह के इंवेस्टमेंट नहीं करनी होगी। बल्कि हर सर्वे पर कंपनी आपको कुछ आमांउट या रिवार्ड पॉइंट्स देती है, जिनका आप शॉपिंग साइट्स से यूज कर सकेगें। 


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Mn ki shanti kaise prapt kren


 मानसिक शांति मिलेगी 


रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने के उपाय ।कोरोना से बचें और बचाएं

    Immunity kaise badhayen



Saat din me payen rog pratirodhak क्षमता 


रोग प्रतिरोधक क्षमता हमें कई बीमारियों से सुरक्षित रखती है. छोटी-मोटी ऐसी कई बीमारियां होती हैं जिनसे हमारा शरीर खुद ही निपट लेता है. रोग प्रतिरोधक क्षमता के कमजोर होने पर बीमारियों का असर जल्दी होता है. ऐसे में शरीर कमजोर हो जाता है और हम जल्दी-जल्दी बीमार पड़ने लगते हैं.
हमारा इम्यून सिस्टम हमें कई तरह की बीमारियों से सुरक्ष‍ित रखता है. रोग प्रतिरोधक क्षमता कई तरह के बैक्टीरियल संक्रमण, फंगस संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करता है. इन बातों से यह तो स्पष्ट हो जाता है कि इम्यून पावर के कमजोर होने पर बीमार होने की आशंका बढ़ जाती है. ऐसे में ये बहुत जरूरी है कि हम अपनी इम्यून पावर को बनाए रखें.
रोग प्रतिरोधक क्षमता के कमजोर होने के कई कारण हो सकते हैं. कई बार नशा करने की गलत आदतों के चलते और कई बार यह जन्मजात कमजोरी की वजह से भी होता है.
अब सवाल ये उठता है कि अगर इम्यून पावर कमजोर हो जाए तो उसे बढ़ाने के लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए? यहां ऐसे ही कुछ उपायों का जिक्र है जिन्हें आजमाकर आप एक सप्ताह के भीतर अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं :
1. ग्रीन टी और ब्लैक टी, दोनों ही इम्यून सिस्टम के लिए फायदेमंद होती हैं लेकिन एक दिन में इनके एक से दो कप ही पिएं. ज्यादा मात्रा में इसके सेवन से नुकसान हो सकता है.
2. कच्चा लहसुन खाना भी रोग नाशक क्षमता को बढाता है इसमें पर्याप्त मात्रा में एलिसिन, जिंक, सल्फर, सेलेनियम और विटामिन ए व ई पाए जाते है।
3. दही के सेवन से भी इम्यून पावर बढ़ती है. इसके साथ ही यह पाचन तंत्र को भी बेहतर रखने में मददगार होती है.
4. ओट्स में पर्याप्त मात्रा में फाइबर्स पाए जाते हैं. साथ ही इसमें एंटी-माइक्राबियल गुण भी होता है. हर रोज ओट्स का सेवन करने से इम्यून सिस्टम मजबूत बनता है.
5. विटामिन डी हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है. इससे कई रोगों से लड़ने की ताकत मिलती है. साथ ही हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए और दिल संबंधी बीमारियों को दूर रखने के लिए भी विटामिन डी लेना बहुत जरूरी है.
6. संक्रामक रोगों से सुरक्षा के लिए विटामिन सी का सेवन करना बहुत फायदेमंद होता है. नींबू और आंवले में पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को दुरुस्त 
रखता है ।