राम ही जीवन है
यह कोई कपोल कथा नहीं अपितु एक सच्चाई है, अयोध्या जिसका जीता जागता प्रमाण है।
हम यहाँ किसी धर्म,जात,पात की चर्चा नहीं वरन मानवता की चर्चा करने जा रहे हैं,
एक मन्दिर ने स्थापित किया मानवता का संदेश
कभी अयोध्या में भगवान राम और मानव जाति साथ रहते थे,आज मानवता को ही जीवित रखने हेतू राम लला के रूप में विद्यमान हैं।
कभी मानवता की ही रक्षा हेतू राम जी ने वनवास का स्वेच्छा से चयन किया,
सन्यासी की तरह सब त्याग कर निकले और जब लौटे तो,मानव जाति इतना प्रेम पाकर उन्हे राजा और महाराजा और अपना प्रभू मान स्वयं को भाग्यशाली समझते थे,हैं और रहेंगे।
प्रत्येक मानव व प्रत्येक जीव जीवन के तारणहार
ऐसा क्या है जो प्रत्येक जीव स्वयं को सरलता से राम के साथ जोड़ लेता है,बरबस ही ध्यान आकर्षित हो जाता है।
1)प्रभू राम नहीं छोड़ते सत्य का साथ
2)अन्याय को नहीं करते बर्दाश्त
3)सभी को लेकर चलते हैं साथ
4)यह नियम मानव के साथ प्रत्येक जीव व प्रत्येक कण के साथ
5)उनके कथनी और करनी मे अंतर नहीं